Friday, April 17

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घाटशिला उपचुनाव 2025: झामुमो की रोमांचक जीत, सोमेश सोरेन ने बीजेपी के बाबूलाल सोरेन को हराया
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घाटशिला उपचुनाव 2025: झामुमो की रोमांचक जीत, सोमेश सोरेन ने बीजेपी के बाबूलाल सोरेन को हराया

रायबरेली, 14 नवम्बर 2025: झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में एक बार फिर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की शानदार जीत ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। झामुमो उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन ने बीजेपी के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को बड़ी बढ़त से हराया, यह साबित करते हुए कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पार्टी की पकड़ अब भी मजबूत है। भावनाओं का असर: सोमेश सोरेन की जीत का आधारघाटशिला उपचुनाव में सोमेश सोरेन की जीत के पीछे सबसे बड़ा कारण भावनात्मक लहर रही। खासकर झामुमो के पक्ष में उस समय जब उनकी मां ने भावुक होते हुए अपने बेटे सोमेश को समर्थन देने की अपील की। यह भावनात्मक पहलू वोटरों पर गहरा असर डालने में सफल रहा। इसके अलावा, रामदास सोरेन की मृत्यु के बाद उपजी सिंपैथी लहर ने भी झामुमो के उम्मीदवार के पक्ष में माहौल तैयार किया। झामुमो के इस जीत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के न...
छपरा विधानसभा चुनाव 2025: खेसारी लाल यादव के लिए स्टारडम क्यों नहीं आया काम? जानिए हार की वजहें
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छपरा विधानसभा चुनाव 2025: खेसारी लाल यादव के लिए स्टारडम क्यों नहीं आया काम? जानिए हार की वजहें

छपरा: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आ चुके हैं, और एक सीट पर खास चर्चा हो रही है—छपरा विधानसभा। यहां भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव (शत्रुघ्न यादव) राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर चुनाव मैदान में थे। हालांकि उनकी जीत को पहले से तय माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने भा.ज.पा. के उम्मीदवार छोटी कुमारी से हार का सामना किया। यह हार कई मायनों में चौंकाने वाली रही और अब सियासी हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि ऐसा क्या हुआ कि एक स्टार प्रचारक को यह हार झेलनी पड़ी। चुनावी बयानों से बनी परेशानीमाना जा रहा है कि खेसारी लाल यादव के कुछ विवादास्पद बयानों ने उनके पक्ष में बने माहौल को खराब कर दिया। इन बयानों की वजह से ही चुनावी हवा भा.ज.पा. की ओर मुड़ गई। राम मंदिर पर बयान बैकफायर कर गया?खेसारी ने चुनाव प्रचार के दौरान राम मंदिर को लेकर यह बयान दिया था, "राम मंदिर में पढ़कर कोई मास्टर बनेगा क...
एनडीए की जीत के बाद नई सरकार की रूपरेखा, चिराग पासवान ने नीतीश कुमार से मुलाकात में क्या कहा?
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एनडीए की जीत के बाद नई सरकार की रूपरेखा, चिराग पासवान ने नीतीश कुमार से मुलाकात में क्या कहा?

पटना: केंद्रीय मंत्री और LJP (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस) की विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत पर एक-दूसरे को बधाई दी और भविष्य में बनने वाली गठबंधन सरकार की रूपरेखा पर भी विस्तृत चर्चा की। चिराग पासवान ने नीतीश कुमार की सराहना कीचिराग पासवान ने इस मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझे गर्व है कि रामविलास पासवान जी द्वारा बनाई गई पार्टी आज उस मुकाम पर पहुंची है, जिसकी परिकल्पना उन्होंने की थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए के सभी घटक दलों की भूमिका को सराहा है, जो हमें अपनी मेहनत के फल के रूप में सफलता मिली।” चिराग ने नीतीश कुमार के नेतृत्व की खुले तौर पर सराहना करते हुए कहा कि बिहार चुनाव में सीटों के बंटवारे और दलों के बीच सहयोग ने एनडीए को ब...
अंता उपचुनाव में तीसरे मोर्चे की बड़ी दस्तक, बेनीवाल बोले – BJP का धड़ा कांग्रेस के साथ था
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अंता उपचुनाव में तीसरे मोर्चे की बड़ी दस्तक, बेनीवाल बोले – BJP का धड़ा कांग्रेस के साथ था

राजस्थान में अंता विधानसभा उपचुनाव के परिणामों के बाद हनुमान बेनीवाल और उनके समर्थकों द्वारा तीसरे मोर्चे के उभार को लेकर बड़े दावे किए जा रहे हैं। आरएलपी (राजस्थान लोक दल) के प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल ने उपचुनाव के नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया कि हाड़ौती क्षेत्र में तीसरे मोर्चे का प्रभाव मजबूत हुआ है। उनका कहना था कि तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार ने केवल 100 वोटों के अंतर से भाजपा को हराया, और भाजपा का एक धड़ा कांग्रेस के उम्मीदवार के साथ खड़ा था। नरेश मीणा का था निर्दलीय समर्थनउपचुनाव में नरेश मीणा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी किस्‍मत आजमाई थी। नरेश मीणा, जो पहले कांग्रेस से टिकट मांग चुके थे लेकिन टिकट न मिलने पर तीसरे मोर्चे के समर्थन की ओर बढ़े, को हनुमान बेनीवाल ने खुले तौर पर समर्थन दिया। राजेंद्र सिंह गुढ़ा (पूर्व मंत्री) और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सां...
धर्मेंद्र प्रधान: बीजेपी के धुरंधर चुनावी रणनीतिकार और नीतीश कुमार के ‘बिहारी मित्र’
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धर्मेंद्र प्रधान: बीजेपी के धुरंधर चुनावी रणनीतिकार और नीतीश कुमार के ‘बिहारी मित्र’

15 नवम्बर 2025, नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पार्टी के लिए एक ऐसे चुनावी रणनीतिकार के रूप में उभरकर सामने आए हैं, जिनका असर केवल बिहार तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि पूरे देश में उनकी योजनाओं और रणनीतियों का जलवा देखा गया है। हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत में प्रधान की अहम भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। इस जीत के पीछे उनकी रणनीतिक सूझबूझ और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ की गई दोस्ती का बड़ा हाथ था। धर्मेंद्र प्रधान का बिहार से जुड़ाव धर्मेंद्र प्रधान का बिहार से राजनीतिक जुड़ाव 2010 के विधानसभा चुनाव से शुरू हुआ था। उसी दौरान उन्होंने बिहार में दो महीने तक डेरा डाला और यहां के राजनीतिक हालात को समझा। उनके साथ उस समय नीतीश कुमार के रिश्ते भी और मजबूत हुए। यह दोस्ती 2013 में और गहरी हुई जब नीतीश कुमार ...
बिहार चुनाव 2025: वामपंथी दलों को झटका, 33 में से केवल 3 सीटें मिलीं; तालमेल की कमी या विश्वसनीयता का संकट?
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बिहार चुनाव 2025: वामपंथी दलों को झटका, 33 में से केवल 3 सीटें मिलीं; तालमेल की कमी या विश्वसनीयता का संकट?

पटना, 15 नवम्बर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में वामपंथी दलों को करारा झटका लगा है। तीन दलों वाले वामपंथी गठबंधन ने इस बार 33 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसमें से केवल तीन सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई। इनमें से दो सीटें भाकपा (माले) को और एक सीट माकपा को मिली है, जबकि भाकपा अपना खाता भी नहीं खोल पाई। वाम दलों के प्रदर्शन में गिरावट 2020 में वामपंथी दलों ने महागठबंधन के तहत 29 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें भाकपा (माले) को 12, भाकपा और माकपा को 2-2 सीटें मिली थीं। लेकिन 2025 के चुनाव में वाम दलों का प्रदर्शन उम्मीद से काफी नीचे गिरा। अब यह संख्या सिर्फ तीन सीटों तक सिमट गई है। हालांकि, भाकपा (माले) के संदीप सौरभ (पालीगंज) और अरुण सिंह (काराकाट) अपनी सीटें बचाने में सफल रहे, वहीं माकपा के अजय कुमार (विभूतिपुर) ने भी अपनी सीट बरकरार रखी। सीटों का नुकसान और तालमेल की कमी वामपं...
बिहार चुनाव 2025: ‘चमत्कार’ से 90 पार, BJP बनी सबसे बड़ी पार्टी, लालू-माले का किला ध्वस्त
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बिहार चुनाव 2025: ‘चमत्कार’ से 90 पार, BJP बनी सबसे बड़ी पार्टी, लालू-माले का किला ध्वस्त

पटना, 15 नवम्बर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी बार कोशिश के साथ भाजपा ने बिहार में अपना किला सफलतापूर्वक फतह कर लिया। अब बिहार की राजनीति में नरेंद्र मोदी भी एक अहम चुनावी चेहरा बन चुके हैं और भाजपा अकेले बहुमत के आंकड़े से महज 30-32 सीटों की दूरी पर है। 90 सीटों के पार, BJP का अभूतपूर्व प्रदर्शन बिहार में भाजपा ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। 2010 में भाजपा ने 91 सीटें जीती थीं, लेकिन तब वह दूसरे नंबर पर थी। इस बार, भाजपा न केवल 91 सीटों के पार पहुंची है, बल्कि वह बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। भाजपा ने इस ऐतिहासिक जीत के लिए कई बड़े किलों को ध्वस्त किया, खासकर लालू यादव के गढ़ों को। इसके साथ ही भाजपा ने कुशल चुनाव प्रब...
नीतीश कुमार पर सवाल उठाने वाले महागठबंधन नेताओं के दिमाग की जांच कराएंगे, JDU का बड़ा हमला
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नीतीश कुमार पर सवाल उठाने वाले महागठबंधन नेताओं के दिमाग की जांच कराएंगे, JDU का बड़ा हमला

पटना, 15 नवम्बर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन और जन सुराज पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तबीयत पर उठाए गए सवालों के बाद अब जनतादल यूनाइटेड (JDU) ने उन नेताओं पर तीखा हमला बोला है। JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने महागठबंधन के नेताओं को करारा जवाब देते हुए कहा कि जिन लोगों ने चुनाव प्रचार के दौरान नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाए थे, उनकी मानसिक स्थिति की जांच कराई जाएगी और इस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा। नीतीश कुमार पर सवाल उठाने वाले नेताओं को निशाना नीरज कुमार ने कहा, "जो लोग चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तबीयत को लेकर लगातार सवाल उठा रहे थे, अब उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। इन नेताओं के दिमाग की जांच करानी चाहिए और उसकी रिपोर्ट सभी के सामने लानी चाहिए। यह जरूरी है ताकि उनकी सोच को समझा जा सके।" उनके बयान का संदर्भ उस समय के आरो...
बिहार चुनाव के बाद बीजेपी का ताबड़तोड़ एक्शन: आरके सिंह के अलावा 2 और नेताओं को पार्टी से निकाला
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बिहार चुनाव के बाद बीजेपी का ताबड़तोड़ एक्शन: आरके सिंह के अलावा 2 और नेताओं को पार्टी से निकाला

पटना, 15 नवम्बर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बगावत करने वाले तीन नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह के अलावा कटिहार की मेयर ऊषा अग्रवाल और एमएलसी अशोक अग्रवाल शामिल हैं। इन नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण यह कार्रवाई की गई है। आरके सिंह पर 6 साल का निलंबन, दो और नेताओं की भी पार्टी से बर्खास्तगी बीजेपी ने आरके सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, कटिहार की मेयर ऊषा अग्रवाल और एमएलसी अशोक अग्रवाल पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है। बीजेपी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में इन नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया है। बीजेपी के आधिकारिक बयान में कहा गया, "आपकी गतिविधियां पार्टी के विरोध में हैं और ये अनुशासन के उल्लंघन के दायरे में आती हैं। इससे पार्ट...
बिहार ने मोदी-नीतीश की जोड़ी को क्यों किया ‘राइट स्वाइप’? 11 बड़ी वजहें जो बनीं महागठबंधन की हार
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बिहार ने मोदी-नीतीश की जोड़ी को क्यों किया ‘राइट स्वाइप’? 11 बड़ी वजहें जो बनीं महागठबंधन की हार

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने कई राजनीतिक समीकरणों को बदलकर रख दिया। एनडीए ने न केवल जबरदस्त जीत दर्ज की, बल्कि महागठबंधन को भी करारी शिकस्त दी। इस जीत के पीछे कई अहम वजहें थीं, जिन्होंने बिहार की जनता को मोदी और नीतीश की जोड़ी के समर्थन में खड़ा कर दिया। आइए जानते हैं उन 11 कारणों को, जिनकी वजह से बिहार में एनडीए को मिली ऐतिहासिक जीत। 1. नी-मो इफेक्ट (नीतीश-मोदी का प्रभाव) बिहार के चुनावी नतीजों में नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के संयोजन को 'नी-मो इफेक्ट' के रूप में देखा गया। नीतीश कुमार की स्थानीय लोकप्रियता और नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय अपील का मेल बिहार के मतदाताओं को बहुत आकर्षक लगा। बिहार के विकास, कानून-व्यवस्था और बिजली की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर नीतीश के नेतृत्व में काम हुए थे, जबकि मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तेज फैसले लेने की छवि को मजबूत किया। यह जोड़...