Monday, June 22

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यूएस ने ताइवान को 10 अरब डॉलर के हथियार बेचकर उड़ा दिए चीन के तोते, भारत की बैठे-बिठाए बल्ले-बल्ले
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यूएस ने ताइवान को 10 अरब डॉलर के हथियार बेचकर उड़ा दिए चीन के तोते, भारत की बैठे-बिठाए बल्ले-बल्ले

अमेरिका और चीन के बीच ताइवान को लेकर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने ताइवान को 10 अरबडॉलरसेअधिककेहथियारोंकीबड़ीखेप बेचने का ऐलान किया है, जिसमें मिसाइलें, तोपें, ड्रोनऔरउच्चतकनीकीसैन्यउपकरण शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कदम ताइवान की रक्षा क्षमता को मजबूत करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरी है। चीन ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इस फैसले की कड़ी निंदा की। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हथियार बिक्री चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा है और इससे अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ सकता है। हथियारों का विवरणइस डील में 82 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS), 420 सैन्य सामरिक मिसाइलें, 60 ऑटोमेटिक हॉवित्जर तोपें, ड्रोन और अन्य उच्च तकनीकी सैन्य उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा, सैन्य सॉफ्टवेयर, जैवेलिन और टीओडब्ल्यू मिसाइलें, हेलीकॉप्टर के पुर्जे और हार्पून ...
महुआ मोइत्रा को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत: कैश फॉर क्वेरी मामले में लोकपाल का आदेश रद्द
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महुआ मोइत्रा को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत: कैश फॉर क्वेरी मामले में लोकपाल का आदेश रद्द

 तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को कैश फॉर क्वेरी मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण राहत दी है। कोर्ट ने लोकपाल का वह आदेश रद्द कर दिया, जिसमें सीबीआई को उनके खिलाफ चार्जशीट दर्ज करने की अनुमति दी गई थी। कोर्ट का आदेश और आगे की प्रक्रिया:जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने कहा, "लोकपाल का आदेश रद्द किया जाता है। लोकपाल को लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम की धारा 20 के तहत एक महीने के भीतर मंजूरी पर विचार करना चाहिए।" महुआ मोइत्रा ने हाई कोर्ट में दावा किया कि लोकपाल का 12 नवंबर का आदेश गलत, अधिनियम के खिलाफ और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन था। उनके अनुसार, बिना उनकी सुनवाई किए सीबीआई को चार्जशीट दर्ज करने की अनुमति देना सही नहीं था। सीबीआई की दलील:सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि महुआ मोइत्रा को लोकपाल की प्रक्रिया के दौरान द...
नेहरू के दस्तावेजों पर सियासी घमासान, गजेंद्र शेखावत ने सोनिया गांधी से लौटाने की अपील
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नेहरू के दस्तावेजों पर सियासी घमासान, गजेंद्र शेखावत ने सोनिया गांधी से लौटाने की अपील

पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोनिया गांधी से इन दस्तावेजों को प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (PMML) को वापस लौटाने की अपील की है। मामला क्या है? 2008 में 51 बक्सों में लगभग 21 हजार दस्तावेज सोनिया गांधी को सौंपे गए थे। इनमें नेहरू के निजी पारिवारिक पत्र, नोट्स और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री शामिल थी। PMML ने इन दस्तावेजों की सुरक्षा और रिकॉर्ड रखने के लिए इन्हें सौंपा था, न कि उपहार के रूप में। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने बताया कि PMML ने कई बार इन दस्तावेजों की वापसी के लिए पत्र भेजे, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नेहरू से जुड़े कोई दस्तावेज “लापता” नहीं हैं और यह सब राष्ट्र की दस्तावेजी विरासत का हिस्सा हैं। इतिहास...
स्पीकर की बैठक में गूंजे ठहाके, पीएम मोदी और प्रियंका गांधी दिखे मुस्कराते शीतकालीन सत्र के बाद चाय पर चर्चा, संसद में दिखा सौहार्द का दुर्लभ दृश्य
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स्पीकर की बैठक में गूंजे ठहाके, पीएम मोदी और प्रियंका गांधी दिखे मुस्कराते शीतकालीन सत्र के बाद चाय पर चर्चा, संसद में दिखा सौहार्द का दुर्लभ दृश्य

संसद के शीतकालीन सत्र के अनिश्चितकालीन समापन के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा बुलाई गई बैठक में राजनीति का एक अलग ही रंग देखने को मिला। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच चाय पर हुई इस मुलाकात में न केवल खुलकर बातचीत हुई, बल्कि कई मौकों पर जोरदार ठहाके भी लगे। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री मौजूद थे। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अनुपस्थिति में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने विपक्षी दलों का नेतृत्व किया। सदन की तल्खी से अलग दिखा माहौल स्पीकर के चैंबर में हुई इस बैठक का माहौल पूरी तरह खुशनुमा और सौहार्दपूर्ण रहा। हाल के दिनों में संसद के भीतर देखने को मिली तीखी बहसों और हंगामे के उलट, इस अनौपचारिक बैठक में राजनीतिक मतभेदों से परे संवाद और मुस्कान नजर आई।खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री मोदी ...
कहर बनकर टूटी भारतीय सेना, 48 घंटे में ढह गया 450 साल पुराना पुर्तगाली शासन गोवा में लहराया तिरंगा, आज़ादी के अधूरे अध्याय का हुआ समापन
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कहर बनकर टूटी भारतीय सेना, 48 घंटे में ढह गया 450 साल पुराना पुर्तगाली शासन गोवा में लहराया तिरंगा, आज़ादी के अधूरे अध्याय का हुआ समापन

गोवा मुक्ति दिवस हर वर्ष 19 दिसंबर को उस ऐतिहासिक विजय की याद में मनाया जाता है, जब भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 450 वर्षों से चले आ रहे पुर्तगाली औपनिवेशिक शासन का अंत कर दिया था। यह दिन भारत की संप्रभुता, एकता और राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक बन चुका है। 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिलने के बावजूद गोवा, दमन और दीव एक दशक से अधिक समय तक पुर्तगाल के नियंत्रण में रहे। भारत सरकार ने इन क्षेत्रों को शांतिपूर्ण ढंग से भारतीय संघ में शामिल करने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए, लेकिन जब सभी कोशिशें विफल रहीं, तब सैन्य कार्रवाई अपरिहार्य हो गई। ‘ऑपरेशन विजय’: 48 घंटे में इतिहास बदल गया 18 दिसंबर 1961 को शुरू हुआ ऑपरेशन विजय 48 घंटे से भी कम समय में पूरा हुआ। इसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। भारतीय सेनाओं की तेज और निर्णायक रणनीति के सामन...
हाजी अली दरगाह से लेकर महिलाओं के अधिकारों तक, जस्टिस रेवती मोहिते डेरे बनेंगी मेघालय हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस
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हाजी अली दरगाह से लेकर महिलाओं के अधिकारों तक, जस्टिस रेवती मोहिते डेरे बनेंगी मेघालय हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बॉम्बे हाईकोर्ट की वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस रेवती पी. मोहिते डेरे को मेघालय हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। यह सिफारिश 18 दिसंबर को हुई कॉलेजियम की बैठक में की गई। जस्टिस डेरे वर्तमान में बॉम्बे हाईकोर्ट की दूसरी सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। न्यायिक सफर: पुणे से हाईकोर्ट तक जस्टिस रेवती मोहिते डेरे का जन्म 17 अप्रैल 1965 को पुणे में हुआ। उन्होंने सिम्बायोसिस लॉ कॉलेज, पुणे से कानून की पढ़ाई की। वकालत की शुरुआत उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट से की और बाद में महाराष्ट्र सरकार के लिए सरकारी अभियोजक के रूप में भी सेवाएं दीं।साल 2013 में उन्हें अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 2015 में स्थायी न्यायाधीश बनीं। तब से वे बिना किसी स्थानांतरण के बॉम्बे हाईकोर्ट में कार्यरत हैं। कई ऐतिहासिक और सामाजिक रूप से अहम फैसले जस्टिस डेरे ने अपने क...
मनरेगा का नाम बदला ‘VB–G RAM G’, राहुल गांधी ने चेतावनी दी: राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगानई दिल्ली, 19 दिसंबर 2025
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मनरेगा का नाम बदला ‘VB–G RAM G’, राहुल गांधी ने चेतावनी दी: राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगानई दिल्ली, 19 दिसंबर 2025

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के नए कानून ‘VB–G RAM G’ पर कड़ा हमला बोला और इसे ग्रामीण भारत के खिलाफ बड़ी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि यह कानून मनरेगा का सुधार नहीं बल्कि ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों का दमन है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मनरेगा के 20 वर्षों को एक ही दिन में ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा, “VB–G RAM G केवल नाम बदलना नहीं है, यह अधिकार-आधारित और मांग-संचालित योजना को खत्म करके इसे दिल्ली से नियंत्रित राशन योजना में बदल देता है। यह ग्रामीण गरीबों के लिए उपलब्ध विकल्पों और शक्ति को कमजोर करता है।” मनरेगा के महत्व पर राहुल गांधी की टिप्पणी राहुल गांधी ने याद दिलाया कि मनरेगा ने ग्रामीण मजदूरों को सौदेबाजी की शक्ति दी, मजदूरी बढ़ाई, काम की परिस्थितियों में सुधार किया और ग्रामीण बुनियादी ढांचे का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि कोविड काल...
मनरेगा का नाम बदला ‘विकसित भारत-जी राम जी’, चिराग पासवान ने विपक्ष को सुनाया सबक
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मनरेगा का नाम बदला ‘विकसित भारत-जी राम जी’, चिराग पासवान ने विपक्ष को सुनाया सबक

केंद्र की ओर से लाए गए ‘विकसित भारत-जी राम जी’ बिल को संसद ने पारित कर दिया। यह बिल मनरेगा योजना का नया स्वरूप लेकर आया है और इसमें कई सुधार किए गए हैं। हालांकि, इसके नामकरण को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद की सीढ़ियों पर 12 घंटे तक धरना दिया, लेकिन केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष को सख्त संदेश दिया। चिराग पासवान का विरोध पर कड़ा रुख चिराग पासवान ने विपक्ष से सवाल किया, “आखिर आपको किस नाम से ऐतराज है? राम के नाम से, जो बापू महात्मा गांधी का सबसे प्रिय नाम था। उनके अंतिम शब्द भी ‘हे राम’ थे। क्या राम के नाम पर ऐतराज करना गांधी के आदर्शों के अनुरूप है?” उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद शांति और आदर्शों की बजाय सिर्फ राजनीति कर रहे हैं, जबकि धरना और प्रदर्शन करने का पूरा मौका उन्हें दिया गया है। चिराग ने यह भी कहा कि बापू के आदर्शों में शांति और सम्मान का पालन करना आवश्यक था, ना क...
राज्यसभा ने मंजूरी दी SHANTI बिल, परमाणु ऊर्जा सुरक्षा को कानूनी दर्जा
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राज्यसभा ने मंजूरी दी SHANTI बिल, परमाणु ऊर्जा सुरक्षा को कानूनी दर्जा

भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। राज्यसभा ने हाल ही में ‘सस्टेनेबल हार्नेसिंग ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया’ (SHANTI) बिल को मंजूरी दे दी। इस बिल के पास होने से परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा अब केवल प्रशासनिक नियमों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे कानूनी रूप दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह बिल परमाणु नुकसान के लिए व्यावहारिक नागरिक दायित्व व्यवस्था बनाएगा और एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (AERB) को कानूनी दर्जा देगा। इससे परमाणु सुरक्षा का नियम लगातार लागू होगा, न कि सिर्फ एक बार की अनुमति या दुर्घटना के बाद। पहले कहां थी दिक्कत? पुराने कानूनों के तहत परमाणु सुरक्षा की देखरेख मुख्य रूप से सरकारी अधिकारों और प्रशासनिक नियमों पर निर्भर थी। निर्माण, संचालन, परिवहन, भंडारण या कचरा प्रबंधन जैसे हर चरण के लिए अलग से सुरक्षा मंजूरी या कानूनी बाध्...
स्वदेशी जेट इंजन से सुदर्शन चक्र तक, रक्षा मंत्री ने बताया भारत का भविष्य
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स्वदेशी जेट इंजन से सुदर्शन चक्र तक, रक्षा मंत्री ने बताया भारत का भविष्य

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सुदर्शन चक्र प्रोजेक्ट राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा में आने वाले समय में एक निर्णायक भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की घोषणा इस साल 15 अगस्त को की थी। रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि स्वदेशी जेट इंजन का विकास अब एक राष्ट्रीय मिशन बन चुका है और इसके लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आधुनिक युद्ध अब केवल हथियारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आइडिया, टेक्नोलॉजी और एडप्टिबिलिटी का युद्ध बन गया है। रक्षा मंत्री ने मॉडर्न वॉरफेयर की तीन अहम जरूरतों पर विशेष जोर दिया: प्रिसिजन-गाइडेड वेपन रियल-टाइम इंटेलिजेंस डेटा-ड्रिवेन डिसिजन मेकिंग उन्होंने कहा, “जो देश टेक्नोलॉजी, स्ट्रैटजिक विजन और एडप्टिबिलिटी की इस तिकड़ी में महारत हासिल करे...