
नई दिल्ली: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दिया। इसके तुरंत बाद ट्रंप ने पहले 10% और फिर 15% का अस्थायी टैरिफ लागू किया। इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ भारत, चीन और ब्राजील को होने वाला है।
टैरिफ में बड़ी गिरावट
स्वतंत्र संस्था ग्लोबल ट्रेड अलर्ट की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप के समान टैरिफ के बाद तीनों देशों की टैरिफ दरों में उल्लेखनीय कमी आएगी।
ब्राजील: टैरिफ में 13.6% की गिरावट
चीन: टैरिफ में 7.1% की कमी
भारत: टैरिफ में लगभग 6% की कमी
नया टैरिफ और अवधि
ट्रंप ने पिछले साल IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) का इस्तेमाल करके टैरिफ लगाए थे, जिन्हें कोर्ट ने रद्द कर दिया। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने नए वैश्विक टैरिफ लागू किए।
शुरुआती दर: 10%
वर्तमान दर: अधिकतम 15%
लागू अवधि: 150 दिन
ट्रंप के लिए खटकते हैं तीनों देश
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्यकाल के दौरान भारत, चीन और ब्राजील पर अक्सर टैरिफ और व्यापारिक दबाव डाला।
चीन और भारत पर आरोप: मुद्रा सस्ता रखकर अमेरिकी व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना
ब्राजील: पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो के साथ व्यापार विवाद, टैरिफ 50% तक
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस फैसले से इन तीन देशों को वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। वहीं, भविष्य में टैरिफ दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि वे 1974 के अधिनियम की धारा 301 के तहत देश-विशेष उपाय लागू कर सकते हैं।
