Tuesday, February 17

एआई समिट के पीछे भारत की बड़ी रणनीतिक और कूटनीतिक सोच, चीन–अमेरिका को लग सकता है झटका

नई दिल्ली: भारत ने ऐसे समय में AI Impact Summit 2026 का आयोजन किया है, जब वैश्विक जियो-पॉलिटिक्स में बहुत उथल-पुथल मची हुई है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार अपने देश को फिर से “ग्रेट” बनाने की कोशिश में उलझी है और चीन अपने विस्तारवादी मिशन पर शांत लेकिन खतरनाक ढंग से काम कर रहा है। ऐसे समय में भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वैश्विक मंच पर दुनिया को एकजुट करने का बीड़ा उठाया है, जो न सिर्फ तकनीकी बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी भारत के लिए बड़ा अवसर है।

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भारत का एआई इकोसिस्टम और वैश्विक संदेश
AI समिट दो हालिया सफल व्यापार समझौतों—भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपियन यूनियन—के तुरंत बाद हो रहा है। इससे दुनिया को संदेश जाता है कि भारत वैश्विक एआई नेतृत्व के लिए तैयार है। एआई इकोसिस्टम के लिए चार मुख्य आधार स्तंभ माने जाते हैं:

  1. विशाल चिप-मेकिंग इंडस्ट्री

  2. ऊर्जा क्षमता

  3. रिसर्च और डिजाइन की क्षमता

  4. विकसित बाजार में हिस्सेदारी

इनमें से कम से कम अंतिम दो क्षेत्रों में भारत पहले से ही अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

अमेरिका का रोल और वैश्विक तालमेल
एआई समिट में अमेरिका के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार मिशेल क्रैट्सियोस और उनका प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। इससे यह संदेश गया कि एआई क्षेत्र में भारत–अमेरिका तालमेल मजबूत है और कोई विवाद या खींचतान नहीं है।

भारत के लिए रणनीतिक अवसर

  • भारत ने दुनिया के एआई स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर लाकर वैश्विक चिंताओं का समाधान करने का अवसर प्राप्त किया।

  • चीन, जो क्रिटिकल मिनरल्स पर बढ़त के कारण खुद को आगे समझ रहा है, उसके लिए यह भारत की पहल एक स्ट्रेटेजिक झटका हो सकती है।

  • अमेरिका को भी इस क्षेत्र में बढ़त बनाने का अभी पूर्ण अवसर नहीं मिला है।

तकनीक को अपनाने की क्षमता और डिजिटल क्रांति
भारत के पीछे लंबा अनुभव और डेढ़ अरब भारतीयों की तकनीक अपनाने की क्षमता है। पिछले दशक में भारत की डिजिटल क्रांति ने एआई के लिए मजबूत बुनियाद तैयार की है:

  • आधार और JAM ट्रिनिटी (जनधन–आधार–मोबाइल)

  • UPI पेमेंट सिस्टम

  • कोविड वैक्सीन विकास और वितरण, जिसमें भारत ने वैश्विक सहयोग भी किया

इनसे दुनिया में भारत की तकनीकी विश्वसनीयता और नेतृत्व क्षमता मजबूत हुई है।

एआई समिट से भारत को लाभ

  • भारत की एआई लीडरशिप स्वीकार्यता बढ़ेगी।

  • निवेश के अवसर खुलेंगे, और भारतीय विशेषज्ञों और कुशल श्रम को वैश्विक मंच मिलेगा।

  • यह भारत को वैश्विक एआई गवर्नेंस में निर्णायक भूमिका देने के लिए सक्षम बनाएगा।

निष्कर्ष:
AI Impact Summit 2026 सिर्फ एक तकनीकी सम्मेलन नहीं है, बल्कि भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक महत्वाकांक्षा को प्रदर्शित करने वाला एक वैश्विक मंच है। इसके जरिए भारत ने दुनिया को संदेश दिया कि तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक सहयोग में वह सशक्त और निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

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