Monday, February 16

टीवी और साहित्य के त्रिवेणी: परितोष त्रिपाठी का ‘घनघोर इश्क’ और असल जिंदगी का इश्क

भोपाल/नई दिल्ली। टीवी जगत के मशहूर अभिनेता, कॉमेडियन और एंकर परितोष त्रिपाठी ने सिर्फ हंसी ही नहीं बांटी, बल्कि प्रेम और साहित्य के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। ‘द कपिल शर्मा शो’ और अन्य रियलिटी व डांस प्रोग्राम्स में अपनी अनोखी शैली से दर्शकों का दिल जीतने वाले परितोष अब एक संजीदा कवि और लेखक के रूप में भी जाने जाते हैं।

This slideshow requires JavaScript.

परितोष त्रिपाठी की तीन प्रकाशित किताबें – ‘मन पतंग दिल डोर’, ‘चाय-सी मोहब्बत’ और ‘घनघोर इश्क’ – पाठकों के बीच बेस्ट सेलर बन चुकी हैं। वे अपने सोलो प्ले ‘एसटीडी पीसीओ वाला प्यार’ के माध्यम से देशभर के दर्शकों से सीधे जुड़ रहे हैं। परितोष के अनुसार, “मेरे पास इश्क की कहानियां बहुत हैं, लेकिन सब आधी-अधूरी हैं। जितना अच्छा मैं इश्क लिखता हूं, उतना कर नहीं पाता। मैं खुद से ज्यादा शब्दों से प्रेम करता हूं। इसलिए हमेशा शब्दों का पलड़ा भारी रहता है।”

कवि का सफर और शुरुआती संघर्ष

परितोष बचपन में इंट्रोवर्ट थे। उनका मानना है कि फेल होना और जीवन की छोटी असफलताएं ही उन्हें लेखन की ओर ले गईं। सातवीं कक्षा में पहली बार उन्होंने अपनी साइकिल चोरी होने पर कविता लिखी, और इसी से उनकी रचनात्मक यात्रा शुरू हुई।

उन्होंने बताया, “मैंने पढ़ाई में एक बार और प्रेम में कई बार फेल हुआ हूं। लेकिन फेल होने पर लिखी कविताओं ने मुझे मजबूत बनाया। शब्दों और एक्टिंग का फुल टाइम आशिक होना मेरी पहचान बन गया।”

प्रेम को सेलिब्रेट करना

परितोष का मानना है कि प्रेम को हर समय सेलिब्रेट करना चाहिए। उन्होंने कहा, “जितना एक्टिंग में कॉमेडी करना मुश्किल है, उतना ही कविताओं में शृंगार रस घोलना भी कठिन है। लेकिन दोनों मन को खुशी देते हैं।” उनकी कविताएं और किताबें इस बात का प्रमाण हैं कि पाठक प्रेम को पढ़ना और जीना चाहते हैं।

असली जिंदगी का इश्क

दिल्ली के कॉलेज में परितोष की दोस्ती मीनाक्षी चंद से हुई, जो अब उनकी पत्नी और बिटिया की मां हैं। “मीनाक्षी ने मेरे संघर्ष के 10 साल इंतजार किया। इन सालों में हमने अपने रिश्ते में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन प्रेम की डोर ने हमें हमेशा जोड़ा रखा।”

मुंबई में संघर्ष के वर्षों के बाद परितोष ने अपनी कविताओं को किताबों में बदलने का निर्णय लिया। ‘सुपर डांसर’ रियलिटी शो में गीता दी ने उनकी कविताओं को सराहा और लिखने के लिए प्रेरित किया। अब उनकी चौथी किताब और पहला उपन्यास ‘इश्क बारहवीं पास’ आने वाला है, जिसका अंश उनका सोलो प्ले भी है।

परितोष त्रिपाठी न सिर्फ टीवी जगत में अपनी कला दिखा रहे हैं, बल्कि साहित्य और असली जिंदगी के इश्क के माध्यम से भी पाठकों और दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बना चुके हैं।

Leave a Reply