
नई दिल्ली। महादेव की पूजा में अपराजिता के नीले फूलों का विशेष महत्व है। यह पौधा, जिसे ‘विष्णुप्रिया’ और ‘शंखपुष्पी’ के नाम से भी जाना जाता है, अपनी सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए प्रिय है। मान्यता है कि भगवान शिव को यह फूल विशेष रूप से प्रिय हैं और इन्हें चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
लेकिन अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनके अपराजिता के पौधे में फूल नहीं आते या पौधा केवल पत्तियों से भरा रहता है। गार्डनिंग एक्सपर्ट बताते हैं कि लगातार फूल पाने के लिए कुछ छोटी सावधानियां जरूरी हैं।
मुरझाए फूलों को तुरंत हटाएं
अपराजिता से लगातार फूल पाने का पहला नियम है ‘डेड-हेडिंग’। जैसे ही किसी फूल का मुरझाना शुरू हो, उसे तुरंत तोड़ दें। अगर सूखे फूल लगे रहेंगे तो पौधा बीज बनाने में ऊर्जा खर्च करेगा और नए फूल नहीं आएंगे।
मिट्टी को दें वर्मीकंपोस्ट
पौधे की जड़ें मजबूत करने और फूलों की संख्या बढ़ाने के लिए महीने में कम से कम एक बार वर्मीकंपोस्ट का उपयोग करें। यह मिट्टी को नाइट्रोजन और जरूरी माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स देता है।
केले के छिलके से लिक्विड खाद
फूलों के उत्पादन के लिए पोटेशियम बहुत जरूरी है। 2-3 दिन तक केले के छिलकों को पानी में भिगोकर रखें और इस पानी को पौधे की जड़ों में डालें। यह प्राकृतिक फ्लावर बूस्टर की तरह काम करता है और कुछ ही दिनों में कलियां निकलना शुरू हो जाती हैं।
धूप और पिंचिंग का महत्व
अपराजिता को रोजाना 4-5 घंटे सीधी धूप चाहिए। छायादार जगह पर पौधा लंबा तो बढ़ेगा, लेकिन फूल नहीं आएंगे। इसके अलावा, पौधे की ऊपरी टहनियों की हल्की पिंचिंग करने से नई शाखाएं निकलती हैं और फूलों की संख्या बढ़ती है।
मिट्टी की नमी का ध्यान रखें
पौधे की मिट्टी हमेशा हल्की नमी वाली होनी चाहिए। जलभराव से जड़ें सड़ जाती हैं और फूल गिर जाते हैं, वहीं बहुत सूखी मिट्टी पौधे को तनाव में डालती है और फूल देना बंद कर देती है। इसलिए मिट्टी की ऊपरी सतह सूखने पर ही पानी दें।
इन सरल लेकिन असरदार तरीकों को अपनाकर आप अपने अपराजिता के पौधे को फूलों से भरपूर रख सकते हैं और हर रोज भोलेनाथ पर उनका नीला फूल अर्पित कर सकते हैं।
