
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ऑनलाइन न्यूज, सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया को नियंत्रित करने के लिए एक नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार कर रही है। सरकार ने विधानसभा सत्र के दौरान एक सवाल के जवाब में इस नई नीति की जानकारी दी।
सरकार ने बताया कि यह प्रस्ताव मीडिया के बदलते स्वरूप और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के तेजी से विस्तार को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। नई नीति का नाम ‘न्यू मीडिया पॉलिसी-2026’ प्रस्तावित है, जो फिलहाल अंतिम रूप दिए जाने से पहले इंटर-डिपार्टमेंटल कंसल्टेशन (विभागीय परामर्श) के चरण में है।
फेक न्यूज पर सरकार की नजर, 28 बार जारी हुआ खंडन
बीजेपी विधायक आर. एस. पठानिया द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि अप्रैल 2005 से जनवरी 2026 के बीच फेक न्यूज या भ्रामक सूचनाओं को लेकर कुल 28 बार खंडन जारी किए गए हैं। सरकार के अनुसार गलत जानकारी और अफवाहों के प्रसार पर सख्ती से निगरानी की जा रही है।
नई नीति में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल मीडिया भी होंगे शामिल
सरकार के मुताबिक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR) के अंतर्गत फिलहाल वेबसाइट, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन न्यूज चैनल और फैक्ट-चेक यूनिट के रेगुलेशन का स्पष्ट दायरा नहीं आता। हालांकि, प्रस्तावित न्यू मीडिया पॉलिसी-2026 में इन सभी माध्यमों को शामिल कर एक व्यवस्थित नियंत्रण प्रणाली लागू करने की तैयारी है।
कर्मचारियों के लिए भी नियमों का प्रस्ताव
सरकार ने यह भी बताया कि नई मीडिया नीति के ड्राफ्ट में केवल मीडिया संस्थानों ही नहीं, बल्कि डेली वेजर्स और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी उचित प्रावधान और रेगुलेटरी व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
उमर अब्दुल्ला का 16 महीने का कार्यकाल पूरा
गौरतलब है कि उमर अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री के रूप में लगभग 16 महीने का कार्यकाल पूरा कर लिया है। उन्होंने 16 अक्टूबर 2024 को दूसरी बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। फिलहाल जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है, जहां सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर लगातार नए सुधारों पर काम कर रही है।
