
भिलाई/इंदौर। वैलेंटाइन डे से ठीक एक दिन पहले छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में एक ऐसी शादी हो रही है, जो आज के दौर में रिश्तों की सच्चाई और समर्पण की मिसाल बन गई है। यह कहानी सिर्फ विवाह की नहीं, बल्कि भरोसे, प्रेम और कठिन परिस्थितियों में साथ निभाने की है। इंदौर के वंदना नगर की रहने वाली मेघा पालीवाल और भिलाई निवासी आदित्य साहू 13 फरवरी को विवाह बंधन में बंध रहे हैं। दोनों पिछले नौ वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं।
नौ साल की दोस्ती बनी जीवनभर का रिश्ता
मेघा और आदित्य की मुलाकात वर्ष 2017 में गुजरात के बड़ौदा में एक निजी कंपनी में काम के दौरान हुई थी। शुरुआत दोस्ती से हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। समय के साथ दोनों ने अपने रिश्ते को शादी तक ले जाने का निर्णय लिया। परिवार की सहमति के बाद 21 जुलाई 2024 को शादी की तारीख तय हुई और घर में तैयारियां शुरू हो गईं।
लेकिन इसी बीच जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया जिसने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया।
शादी की तैयारियों के बीच मेघा की बिगड़ी तबीयत
शादी की तैयारियों के दौरान मेघा की तबीयत अचानक खराब होने लगी। जांच कराने पर डॉक्टरों ने बताया कि उनकी दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं और उन्हें लगातार इलाज की जरूरत है। यह खबर परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी।
ऐसे समय में, जब कई रिश्ते टूट जाते हैं, आदित्य ने अपना प्यार और मजबूत कर दिखाया।
आदित्य ने कहा- हालात चाहे जैसे हों, साथ नहीं छोड़ूंगा
मेघा के इलाज के दौरान उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। अब तक उन्हें तीन से चार सर्जरी से गुजरना पड़ा है और नियमित रूप से डायलिसिस चल रहा है। बीमारी के कारण उनके बाल भी झड़ गए, लेकिन आदित्य हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे।
अस्पताल की लंबी प्रक्रियाओं, जांच, इलाज और ऑपरेशन तक—आदित्य ने हर जिम्मेदारी निभाई और मेघा को कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया।
किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डोनर की तलाश जारी
मेघा की बड़ी बहन चंचल के अनुसार परिवार के सभी सदस्यों की जांच करवाई गई, लेकिन किसी की किडनी मैच नहीं हो पाई। इसके बाद किडनी ट्रांसप्लांट के लिए अहमदाबाद और कोलकाता में कडेवर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया के तहत आवेदन किया गया है। परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही मेघा को उपयुक्त डोनर मिल जाएगा।
वैलेंटाइन ईव पर शादी, डायलिसिस के बीच निभेगा रिश्ता
13 फरवरी को होने वाली इस शादी में मेघा का डायलिसिस भी जारी रहेगा। बावजूद इसके, दोनों ने जीवनभर साथ निभाने की कसमें लेने का फैसला किया है। आदित्य का कहना है—
“मैंने मेघा को जीवनसाथी मान लिया है। बीमारी मेरे फैसले को नहीं बदल सकती। रिश्ता सिर्फ अच्छे समय में साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में मजबूती से खड़े रहने का वचन है।”
समाज के लिए प्रेरणा बनी मेघा-आदित्य की कहानी
मेघा और आदित्य की यह प्रेम कहानी उन लोगों के लिए संदेश है जो कठिन समय में रिश्तों से पीछे हट जाते हैं। इस जोड़े ने साबित कर दिया कि सच्ची मोहब्बत वही होती है, जो हालात के सामने झुकती नहीं, बल्कि और मजबूत हो जाती है।
