
नई दिल्ली/भोपाल: इंजीनियरिंग कोर्सेज में एडमिशन के लिए आयोजित जेईई मेंस सेशन 1 का रिजल्ट इस बार चार दिन की देरी से आने वाला है। पहले निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक रिजल्ट 12 फरवरी 2026 तक घोषित होना था, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 16 फरवरी 2026 तक परिणाम की घोषणा की सूचना दी। देरी का कारण प्रोविजनल आंसर-की पर आई आपत्तियों की विस्तार से जांच बताई जा रही है।
फाइनल आंसर-की में ड्रॉप सवाल:
एनटीए ने जेईई मेंस सेशन 1 की प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी और 6 फरवरी तक छात्रों से आपत्तियां मांगी थीं। जिन सवालों को लेकर आपत्तियां आईं, उन्हें विशेषज्ञों की कमिटी के सामने रखा गया। सूत्रों के अनुसार, इस बार कम से कम 6 सवाल ड्रॉप किए जा सकते हैं।
ड्रॉप सवालों के अंक कैसे मिलेंगे?
ड्रॉप किए गए सवालों में छात्रों को पूरा अंक मिलेगा, चाहे उन्होंने उसे हल किया हो या नहीं। एनटीए का कहना है कि यह निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है। ऐसे सवालों में आमतौर पर टाइपिंग एरर, गलत डेटा या ट्रांसलेशन की गड़बड़ी जैसी त्रुटियां होती हैं, जिन्हें सुधारा नहीं जा सकता।
साल 2026 में जेईई मेंस का रुझान:
इस साल 13,63,900 छात्रों ने आवेदन किया, जिनमें से 13 लाख से अधिक ने परीक्षा दी। जेईई मेंस की परीक्षा पांच दिनों में दस शिफ्ट में आयोजित की गई। एनटीए के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस बार परीक्षा केंद्रों में एंट्री से लेकर परीक्षा पूरी होने तक कड़ी निगरानी रखी गई।
जेईई मेंस-2 2026 रजिस्ट्रेशन:
जेईई मेंस 2026 के सेकंड राउंड के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 25 फरवरी 2026 है। पहले राउंड के रिजल्ट के बाद सेकंड राउंड में आवेदन में तेजी आने की संभावना है। जो छात्र दोनों राउंड की परीक्षा देंगे, उनके बेस्ट स्कोर के आधार पर रैंक तय की जाएगी। सेकंड राउंड की परीक्षा 2 से 9 अप्रैल 2026 के बीच होगी।
छात्रों को सलाह दी जा रही है कि फाइनल रिजल्ट से पहले प्रोविजनल आंसर-की और ड्रॉप सवालों की जानकारी ध्यानपूर्वक देखें, ताकि किसी प्रकार की गलती या संदेह न रहे।
