
पटना। बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। रीगा चीनी मिल के बाद अब सकरी (मधुबनी) और रैयाम (दरभंगा) चीनी मिलों के पुनरुद्धार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसे लेकर बुधवार को विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सहकारी मॉडल के माध्यम से चीनी उद्योग को फिर से मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया कि राज्य में गन्ना किसानों और उद्यमियों के हित में सकरी और रैयाम में सहकारी चीनी मिलों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाकर जल्द ठोस निर्णय लिया जाए।
NFCSF के साथ समन्वय, जल्द बनेगा डीपीआर
बैठक में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड (NFCSF), नई दिल्ली के प्रबंध निदेशक ने बिहार सरकार के प्रयासों की सराहना की और भरोसा दिलाया कि चीनी मिलों की स्थापना में संघ की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि NFCSF राज्य सरकार के साथ मिलकर शीघ्र ही डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) प्रस्तुत करेगा।
इसके अलावा इंडियन पोटाश लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक ने भी बैठक में भाग लिया और कोऑपरेटिव-कम-प्राइवेट मॉडल के तहत चीनी मिलें स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
सकरी–रैयाम में प्रक्रिया को प्राथमिकता देने के निर्देश
विकास आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सकरी और रैयाम में चीनी मिलों की स्थापना की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित गति से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने सहकारिता विभाग के सचिव को NFCSF के साथ समन्वय कर जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि प्रस्तावित चीनी मिलों को पर्याप्त कच्चा माल मिले, इसके लिए बसंतकालीन और शरदकालीन बुआई सत्र में गन्ना उत्पादन बढ़ाने की रणनीति तैयार की जाए। साथ ही वर्षा ऋतु में होने वाले जल-जमाव की समस्या के समाधान पर भी मंथन किया गया।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री के. सेंथिल कुमार, योजना एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री मयंक वरवडे, सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेंद्र सिंह, लघु जल संसाधन विभाग के सचिव श्री बी. कार्तिकेय धनजी, गन्ना आयुक्त श्री अनिल कुमार झा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार के इस फैसले से बिहार के गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यदि सकरी और रैयाम चीनी मिलें दोबारा शुरू होती हैं तो इससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा, किसानों को गन्ने का उचित मूल्य मिलेगा और चीनी उद्योग को नई गति मिलेगी।
