Thursday, February 12

10 साल से पुलिस की नौकरी कर रहे थे तीन फर्जी कांस्टेबल, SOG ने बाड़मेर से किया गिरफ्तार

बाड़मेर। राजस्थान में सरकारी भर्तियों में फर्जीवाड़े के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच बड़ा खुलासा सामने आया है। वर्ष 2014 की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में डमी उम्मीदवार बैठाकर नौकरी हासिल करने वाले तीन फर्जी कांस्टेबलों को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने 10 साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। तीनों लंबे समय से राजस्थान पुलिस में नौकरी कर रहे थे और खुद को असली अभ्यर्थी बताकर सेवा दे रहे थे।

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SOG की जांच में जब इनके सेवा रिकॉर्ड और भर्ती से जुड़े दस्तावेजों की गहन समीक्षा की गई तो बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। जांच में सामने आया कि इन तीनों के बायोमैट्रिक आवेदन, ओएमआर शीट, एडमिट कार्ड और दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर आपस में मेल नहीं खा रहे थे। इसके बाद तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई।

2015 में हुए थे नियुक्त, अब पकड़े गए

जांच के अनुसार, तीनों कांस्टेबलों की नियुक्ति वर्ष 2015 में हुई थी, लेकिन वे भर्ती परीक्षा में स्वयं शामिल नहीं हुए थे। आरोप है कि इन्होंने परीक्षा में डमी उम्मीदवार बैठाकर लिखित परीक्षा पास कराई और बाद में नियुक्ति हासिल कर ली।

गिरफ्तार किए गए कांस्टेबलों की पहचान इस प्रकार है—

  • ओमप्रकाश पुत्र हरदानाराम, निवासी कालाणसरा पादरू, सिवाना

  • गंगाराम पुत्र केसरीमल, निवासी ढाकों का गोलिया कबुली, धोरीमन्ना

  • सुमेरमल पुत्र महावीर प्रसाद, निवासी बीकमसरा, सरदारशहर, चूरू

10 साल बाद कैसे हुआ खुलासा?

बाड़मेर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि तीनों कांस्टेबलों के सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा के दौरान दस्तावेजों में गंभीर विसंगति पाई गई। इसके बाद 8 अक्टूबर 2025 को एसपी ने इस मामले की जानकारी SOG को पत्र लिखकर दी।

जांच में पता चला कि तीनों के भर्ती संबंधित दस्तावेजों में हस्ताक्षर अलग-अलग थे, जो स्पष्ट रूप से फर्जीवाड़े की ओर इशारा कर रहे थे।

एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने कहा कि “दस्तावेजों में हस्ताक्षर विसंगति सामने आते ही तत्काल कार्रवाई की गई। ऐसे मामलों में जांच और तेज की जाएगी, ताकि भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे।”

अब SOG करेगी पूरे नेटवर्क की जांच

SOG अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में डमी उम्मीदवार किसने बैठाया, यह पूरा नेटवर्क कैसे काम करता था और इसमें कौन-कौन शामिल थे। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में शामिल दलालों और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा रही है।

राजस्थान में भर्ती घोटालों पर कार्रवाई तेज

गौरतलब है कि राजस्थान में पिछले दो वर्षों से विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में फर्जी तरीके से नौकरी पाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। एसआई, कांस्टेबल, शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी भर्तियों में सामने आई अनियमितताओं की जांच तेज की गई है।

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