
बिहार विधानसभा बजट सत्र 2026 के तीसरे दिन सत्ता पक्ष के भीतर ही तीखी बहस देखने को मिली। जेडीयू विधायक श्याम रजक ने पटना के किसानों की समस्याओं को लेकर कृषि मंत्री रामकृपाल यादव से सवाल किए, जिसके चलते सदन में काफी देर तक बहस चली।
श्याम रजक ने फुलवारी और पुनपुन के लगभग 20 हजार पंजीकृत किसानों के लिए स्थानीय मंडियों की कमी और नो-एंट्री नीतियों को लेकर सरकार पर सीधे आरोप लगाए। उनका कहना था कि मुसल्लहपुर हाट तक किसानों की उपज नहीं पहुँच पा रही है और बिचौलियों का लाभ बढ़ रहा है। उन्होंने कृषि मंत्री से स्पष्ट जवाब मांगा कि क्या इन क्षेत्रों में नई मंडी बनाने की योजना है या नहीं।
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव का जवाब
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सदन में कहा कि 2006 में एपीएमसी एक्ट हटने के बाद से सरकार कृषि बाजारों के आधुनिकीकरण में जुटी हुई है। राज्य के 54 बाजारों को ‘मॉडल कृषि बाजार’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां डिजिटल मार्केटिंग और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पुनपुन में मंडी का विकास हो रहा है, लेकिन हर स्थान पर मंडी बनाना संभव नहीं है।
रामकृपाल यादव ने तंज कसते हुए कहा, “हम पूरे बिहार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अगर विधायक को लगता है कि फुलवारी ही पूरा बिहार है तो मुझे कुछ नहीं कहना।” इस पर श्याम रजक ने पलटवार करते हुए कहा कि वे सटीक सवाल पूछ रहे हैं और मंत्री उन्हें पूरे बिहार की बातें सुना रहे हैं।
अंत में स्पीकर ने केंद्र की योजनाओं के तहत मामले को देखने का निर्देश दिया।