
भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित रक्सौल एयरपोर्ट का विस्तार अब तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। बिहार सरकार ने एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त 139 एकड़ जमीन खरीदने हेतु 207.70 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। जिला प्रशासन ने भी जमीन मालिकों को मुआवजे का भुगतान शुरू कर दिया है। यह प्रोजेक्ट सीमा कनेक्टिविटी को मजबूत करने और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
विस्तार का लेआउट तैयार
नागरिक उड्डयन विभाग के विशेष सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे ने पुष्टि की कि एयरपोर्ट के विस्तार का नक्शा तैयार है। भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही रनवे विस्तार का काम शुरू हो जाएगा। रनवे की लंबाई 2,360 मीटर होगी, जो मौजूदा पट्टी से लगभग 1,000 मीटर लंबा है।
सैन्य और व्यावसायिक उड़ानों के लिए तैयार
विस्तार के बाद रक्सौल एयरपोर्ट पर भारतीय वायु सेना के राफेल, तेजस, जगुआर और मिग-29 जैसे लड़ाकू विमान उतर सकेंगे। साथ ही, एयरबस A320 और बोइंग 737 जैसे बड़े यात्री विमान भी उड़ान भर पाएंगे। नए लेआउट में आधुनिक टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर और बेहतर पार्किंग सुविधाओं वाली एयरपोर्ट कॉलोनी शामिल है।
सीएम नीतीश का निर्देश
जनवरी में पूर्वी चंपारण की समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को एयरपोर्ट के विकास और भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने के निर्देश दिए थे, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी में सुधार हो।
1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान 153 एकड़ पर बने इस एयरपोर्ट को ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट के रूप में रीडेवलप किया जा रहा है। यह विकास रक्सौल को बड़े शहरों से जोड़ने वाली कमर्शियल उड़ानों के लिए भी मार्ग प्रशस्त करेगा।