
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और वन विभाग ने वन्यजीव तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। पटना-इंदौर एक्सप्रेस (19314) में छापेमारी के दौरान 311 दुर्लभ ‘इंडियन टेंट टर्टल’ बरामद किए गए। इस अवैध तस्करी का मुख्य आरोपी ट्रेन का कोच अटेंडेंट अजय सिंह राजपूत निकला।
भोपाल के संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) रेलवे स्टेशन पर RPF ने आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी दो बैगों में कछुओं को ठूंस-ठूंस कर भरकर अपनी सीट के नीचे छिपा रहा था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह महज 2,500 रुपये के लालच में यह काम कर रहा था। ट्रेन में यह बैग लखनऊ से सौंपे गए थे, जिनकी डिलीवरी क्रमशः देवास (1,000 रुपये) और इंदौर (1,500 रुपये) में करनी थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन कछुओं की तस्करी के पीछे मुख्य कारण हैं:
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अंधविश्वास और फेंगशुई के अनुसार इन्हें घर में रखना ‘सौभाग्य’ का प्रतीक माना जाता है।
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पारंपरिक और अवैध दवा निर्माण में इनका उपयोग।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनके मांस की डिमांड।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) ने जांच अपने हाथ में ले ली है। अधिकारियों का अनुमान है कि यह किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा है, जो उत्तर प्रदेश और बिहार से वन्यजीवों की सप्लाई मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में करता है।
यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है और तस्करों के खिलाफ कड़ी चेतावनी भी है।