
मसूरी/देहरादून। मसूरी जाने वालों के लिए लंबी जाम की समस्या जल्द खत्म हो सकती है। देहरादून से मसूरी के बीच 42 किलोमीटर लंबे दो-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 3500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
हाइवे झाझरा से मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक जाएगा और इसकी सबसे बड़ी विशेषता होंगी दो लंबी सुरंगें। जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र के नीचे 2.9 किमी लंबी सुरंग और मसूरी की पहाड़ियों में लगभग 2 किमी लंबी सुरंग बनाई जाएगी। इससे न केवल दूरी कम होगी, बल्कि तीखे मोड़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र सुरक्षित और सुगम सफर के लिए पार किया जा सकेगा।
तीसरा स्थायी विकल्प:
वर्तमान में देहरादून से मसूरी जाने का मुख्य मार्ग सीमित क्षमता वाला है और पर्यटन सीजन में यातायात ठप हो जाता है। वैकल्पिक किमाड़ी मार्ग भी बारिश में क्षतिग्रस्त हो जाता है। नया हाइवे तीसरे स्थायी विकल्प के रूप में उभरेगा और जाम की समस्या काफी हद तक कम करेगा।
पर्यटन और स्थानीय लोगों को राहत:
मसूरी हर साल लाखों पर्यटकों का स्वागत करती है। सीमित सड़क क्षमता के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नया हाइवे न केवल पर्यटकों का दबाव कम करेगा, बल्कि चासकोट और खनिज नगर होते हुए एनएच-707ए से जुड़कर ग्रामीण इलाकों को भी बेहतर कनेक्टिविटी देगा।
भौगोलिक सर्वे और सुरक्षा:
परियोजना की संवेदनशीलता को देखते हुए एनएचएआई ने वाडिया हिमालयी भू-विज्ञान संस्थान को भौगोलिक सर्वेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी है। वैज्ञानिक मिट्टी की गुणवत्ता, पहाड़ों की संरचना और भूस्खलन की संभावनाओं का अध्ययन कर रिपोर्ट देंगे।
परियोजना निदेशक का बयान:
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने बताया कि मसूरी-देहरादून हाइवे का एलाइनमेंट स्वीकृत हो चुका है और भौगोलिक सर्वे के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
‘क्वीन ऑफ हिल्स’ के लिए गेमचेंजर प्रोजेक्ट:
यह हाइवे न केवल यातायात की समस्या का समाधान करेगा, बल्कि पर्यटन, आपदा प्रबंधन और क्षेत्रीय विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। सुरंगों से गुजरता यह मार्ग पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखते हुए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का उदाहरण बनेगा।