
कोटद्वार, नैनीताल। उत्तराखंड में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोटद्वार में हुई एक घटना अब देशभर में चर्चा का विषय बन गई है। इस घटना ने न केवल इंसान से इंसान के बीच भाईचारे का संदेश दिया, बल्कि एक जलील हो रहे बुजुर्ग के लिए हौसले का संदेश भी बनी।
जानकारी के अनुसार, 77वें गणतंत्र दिवस पर वकील अहमद रोज अपनी दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान कुछ युवक दुकान के नाम को लेकर आपत्ति जताने पहुंचे। उन्होंने दुकान के बोर्ड पर छपे नाम को बदलने की मांग की। तनाव बढ़ते देख मौके पर एक युवक बीच में आ गया और विवाद का विरोध किया। जब उनसे नाम पूछा गया, तो उन्होंने अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताया।
हालांकि, अब स्पष्ट हो गया है कि उनका असली नाम दीपक कश्यप है। दीपक कोटद्वार में बॉडी बिल्डिंग की ट्रेनिंग देते हैं और उनका जिम बद्रीनाथ मार्ग पर स्थित है। दीपक की माता आज भी कोटद्वार में एक टी स्टॉल चलाती हैं। उनके पिता का निधन हो चुका है। दीपक की शादी हो चुकी है और उनकी एक बेटी भी है।
दीपक कश्यप ने कहा कि सभी को अपने धर्म के आधार पर पूजा और विश्वास करने का अधिकार है। उनका यह कार्य और शांतिपूर्ण विरोध अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है।