
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद (कैबिनेट) की बैठक में कई अहम और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक में जहां एक ओर नर्मदा घाटी के बांध विस्थापितों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें आवंटित भूखंडों की रजिस्ट्री पूरी तरह निशुल्क करने का फैसला लिया गया, वहीं दूसरी ओर राज्य के समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाकर सबको चौंका दिया।
इसके साथ ही श्रम विभाग समेत 6 विभागों की 10 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक जारी रखने की अनुमति देते हुए 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
नर्मदा घाटी के विस्थापितों को बड़ी राहत, सरकार उठाएगी 600 करोड़ का भार
कैबिनेट ने नर्मदा घाटी में सरदार सरोवर परियोजना के अंतर्गत विस्थापित परिवारों के लिए ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए आवंटित आवासीय भूखंडों की रजिस्ट्री को निशुल्क करने का फैसला किया है। इस निर्णय से करीब 25,600 से अधिक विस्थापित परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का लगभग 600 करोड़ रुपये का खर्च नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के माध्यम से राज्य सरकार वहन करेगी।
संबल 2.0 सहित 10 योजनाओं को 15 हजार करोड़ से अधिक की मंजूरी
कैबिनेट बैठक में 6 विभागों की 10 महत्वपूर्ण योजनाओं को आगामी 5 वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसमें श्रमिकों के लिए संचालित संबल 2.0 योजना के तहत 5,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा पशुपालन एवं डेयरी विभाग की कामधेनु योजना और गौ-संवर्धन कार्यक्रम के लिए 6,472 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वहीं विधानसभा क्षेत्र विकास योजनाओं के तहत विधायक निधि के लिए 3,376 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण, महिलाओं के हित तथा घरेलू हिंसा पीड़ितों से जुड़े प्रस्तावों के लिए भी आवश्यक वित्तीय सहायता को मंजूरी दी गई।
कटनी-मैहर के किसानों के लिए सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी
कैबिनेट ने कटनी और मैहर जिलों के किसानों को राहत देते हुए 620 करोड़ रुपये की लागत वाली दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है।
इनमें शामिल है—
धनवाही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना: 53.73 करोड़ रुपये की लागत से कटनी-मैहर के 2,810 किसानों को लाभ।
बरही सूक्ष्म उद्वहन परियोजना: 566.92 करोड़ रुपये की लागत से 11,500 किसानों को लाभ, साथ ही 20 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
समाज कल्याण बोर्ड भंग करने का फैसला, कर्मचारियों का होगा संविलयन
कैबिनेट बैठक का सबसे चौंकाने वाला निर्णय मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने से जुड़ा रहा। मंत्रि-परिषद ने प्रस्ताव पर चर्चा के बाद बोर्ड को समाप्त करने की स्वीकृति दे दी।
सरकार ने बताया कि बोर्ड के कर्मचारियों का संविलयन महिला एवं बाल विकास विभाग में किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों के भविष्य पर कोई संकट न रहे।
राज्य में विकास और जनकल्याण पर फोकस
कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने एक ओर विस्थापित परिवारों और किसानों को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया है, वहीं श्रमिकों और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए भी बड़े बजट प्रावधान कर विकास को गति देने का संकेत दिया है।