
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले से पुलिस की मानवता और संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक मामला सामने आया है। सिरोल थाना क्षेत्र में तैनात थाना प्रभारी (टीआई) गोविंद बगौली ने एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला के साथ जिस आत्मीयता और धैर्य का परिचय दिया, उसकी हर तरफ सराहना हो रही है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला ग्वालियर के सिरोल इलाके में एमके सिटी रोड का है, जहां पुलिस को एक महिला संदिग्ध हालत में मिली। महिला के हाथ बंधे हुए थे और वह असहाय स्थिति में नजर आ रही थी। पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर महिला ने अपना नाम आरती बताया और खुद को जिला बांदा की निवासी बताया।
महिला की हालत देख पुलिस ने पहले कराया भोजन
बातचीत के दौरान पुलिस को पता चला कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है। सूचना मिलते ही सिरोल थाना प्रभारी टीआई गोविंद बगौली मौके पर पहुंचे। महिला की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मानवीय पहल करते हुए उसे पास के एक होटल में ले जाकर भोजन कराया।
महिला को जमीन पर बैठाकर भोजन की थाली दी गई, जिसके बाद वह खाने लगी।
टीआई ने खुद को बताया महिला का छोटा भाई
इस दौरान टीआई गोविंद बगौली ने महिला को भरोसा दिलाने के लिए खुद को उसका छोटा भाई बताया। उन्होंने महिला के साथ आत्मीयता दिखाते हुए उसी की थाली में बैठकर भोजन करना शुरू कर दिया और बातचीत करते रहे।
इसी दौरान अचानक महिला आवेश में आ गई और टीआई को मारने के लिए हाथ उठा दिया। हालांकि टीआई ने न तो गुस्सा किया और न ही कोई सख्ती दिखाई। वे मुस्कुराते हुए शांत बने रहे और भोजन करते रहे।
टीआई ने महिला से सिर्फ इतना कहा—
“क्या आप अपने छोटे भाई को मारोगे?”
यह सुनते ही महिला शांत हो गई और दोबारा खाना खाने लगी।
कोर्ट में पेशी के बाद अस्पताल भेजे जाने की तैयारी
पुलिस ने महिला को भोजन कराने के बाद उसे सीजेएम कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद महिला को इलाज के लिए अस्पताल भेजा जाएगा।
सोशल मीडिया पर जमकर हो रही तारीफ
टीआई द्वारा दिखाए गए इस संवेदनशील व्यवहार की चारों तरफ प्रशंसा हो रही है। वायरल वीडियो को देखकर लोग पुलिस की इस मानवीय छवि की तारीफ कर रहे हैं और इसे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश बता रहे हैं।
ग्वालियर पुलिस की यह पहल यह दर्शाती है कि कानून व्यवस्था के साथ-साथ मानवता निभाना भी पुलिस की जिम्मेदारी है, और सिरोल थाना प्रभारी ने इसे बखूबी साबित किया है।