Wednesday, February 4

दिल्ली जल बोर्ड 9000 करोड़ का बजट नहीं कर पाया खर्च, 10 महीनों में 60% भी उपयोग नहीं

नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिल्ली सरकार ने जल बोर्ड को करीब 9000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था, लेकिन 10 महीनों में बोर्ड इस बजट का 60 प्रतिशत भी खर्च नहीं कर सका। अधिकारियों के मुताबिक संशोधित बजट (Revised Budget) भी कुल आवंटन का केवल 50 से 55 प्रतिशत ही रह गया है। ऐसे में शेष राशि जल बोर्ड को सरकार के पास सरेंडर करनी पड़ेगी।

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सूत्रों का कहना है कि बजट का पूरा उपयोग न हो पाने के कारण आगामी वित्तीय वर्ष में दिल्ली जल बोर्ड के बजट में कटौती की संभावना बढ़ गई है। वहीं, दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग (PWD) के बजट में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि अगले वित्तीय वर्ष में सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू होने वाले हैं।

सीवर और सप्लाई लाइन बदलने की योजनाएं भी अधूरी

जल बोर्ड अधिकारियों के अनुसार मौजूदा वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट से कई अहम कार्य प्रस्तावित थे, जिनमें—

  • 250 करोड़ रुपये की लागत से पुरानी सीवर लाइनों को बदलने की योजना

  • वॉटर प्लांट से निकलने वाली सप्लाई लाइनों को बदलने के लिए 250 करोड़ रुपये

  • मुनक नहर की एक ब्रांच सीएलसी कैनाल की मरम्मत हेतु 50 करोड़ रुपये

  • हरियाणा से दिल्ली तक नई पाइपलाइन बिछाने का 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव

हालांकि, अधिकारियों ने स्वीकार किया कि हरियाणा से दिल्ली तक पाइपलाइन बिछाने का काम अभी तक शुरू भी नहीं हो पाया है, जिससे बजट खर्च में बड़ी बाधा सामने आई है।

PWD का बजट 3843 करोड़, अगले साल बढ़ सकता है

दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) का मौजूदा वित्तीय वर्ष में कुल बजट 3843 करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम रहा। लेकिन आगामी वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

PWD अधिकारियों के मुताबिक कई बड़े प्रोजेक्ट इसी बजट में प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें—

  • बारापूला फेज-3 का बजट 1300 करोड़ से बढ़कर 1635 करोड़ रुपये

  • मोदी मिल और सावित्री सिनेमा के पास फ्लाईओवर निर्माण के लिए 371 करोड़ रुपये

  • एमबी रोड पर ड्रेनेज सिस्टम के लिए 387 करोड़ रुपये

  • द्वारका सेक्टर-10 में मिनी सचिवालय के लिए 212 करोड़ रुपये

  • राजधानी में करीब 60 स्थानों पर फुट ओवरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव

बजट खर्च न होने से विकास कार्यों पर असर

विशेषज्ञों का कहना है कि जल बोर्ड द्वारा बजट का पूरा उपयोग न हो पाने से सीवर, जलापूर्ति और पाइपलाइन जैसी बुनियादी सेवाओं में सुधार की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे दिल्ली में पानी की समस्या और सीवर व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

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