
पुणे। पुणे नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने मेयर पद के लिए तीन बार की कॉरपोरेटर मंजुषा दीपक नागपुरे और डिप्टी मेयर पद के लिए परशुराम वाडेकर को उम्मीदवार घोषित किया है। निगम सदन में बीजेपी के प्रचंड बहुमत को देखते हुए दोनों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
नगर निगम में 165 सीटों में से बीजेपी के पास 119 सीटें हैं, जिससे पार्टी अपने दम पर सभी प्रमुख पदों पर कब्जा करने की स्थिति में है। मुख्य विपक्षी दल एनसीपी ने नेता अजित पवार के निधन के कारण चुनाव में उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया है। ऐसे में मुकाबला औपचारिक रूप से बीजेपी और कांग्रेस के बीच रह गया है।
कांग्रेस ने मेयर पद के लिए अश्विनी लांडगे और डिप्टी मेयर पद के लिए साहिल केदारी को मैदान में उतारा है। हालांकि विपक्षी दलों के पास कुल मिलाकर 46 कॉरपोरेटर ही हैं, जिससे उनके उम्मीदवारों की जीत की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद शिंदे ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक परंपरा के तहत चुनाव मैदान से हटना नहीं चाहती और बीजेपी को निर्विरोध जीत नहीं देने के पक्ष में है।
वहीं एनसीपी नेता निलेश निकम ने कहा कि पार्टी अजित पवार के आकस्मिक निधन के शोक में है और फिलहाल संगठनात्मक मुद्दों में व्यस्त है। इसी कारण पार्टी ने मेयर चुनाव से दूरी बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनसीपी विपक्ष की भूमिका निभाएगी और नागरिकों के हित से जुड़े मुद्दों पर समर्थन या विरोध जारी रखेगी।
बीजेपी नेता धीरज घाटे ने विश्वास जताया कि पार्टी के दोनों उम्मीदवार भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे। पुणे नगर निगम में मेयर पद के लिए मतदान 9 फरवरी को होगा।