
लखनऊ, ब्यूरो।
उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत विजिलेंस टीम को बड़ी सफलता मिली है। मऊ जिले में जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) कार्यालय के तत्कालीन टाइपिस्ट गगन कुमार सिंह के पास आय से कहीं अधिक, लगभग 17 करोड़ रुपये की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है। जांच के समय तक उसकी कुल वैध आय करीब एक करोड़ रुपये ही पाई गई है।
शासन के निर्देश पर हुई प्रारंभिक जांच में आय और संपत्ति के बीच भारी असंगति सामने आने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की गई थी। अनुमति मिलने के बाद कोर्ट से सर्च वारंट लेकर उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, गोरखपुर सेक्टर की चार टीमों ने गुरुवार को छापेमारी की।
चार राज्यों में एक साथ छापेमारी
करीब 24 सदस्यीय विजिलेंस टीम ने आठ स्वतंत्र गवाहों और एक ज्वेलरी वैल्युअर की मौजूदगी में बिहार और झारखंड के विभिन्न ठिकानों पर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक सघन छापेमारी की। कार्रवाई की शुरुआत आरोपी के पैतृक गांव गुलनी कुशहा (बांका, बिहार) से की गई।
यहां से करीब 4.40 लाख रुपये मूल्य का कीमती फर्नीचर, कंप्यूटर, एक बाइक, कई बैंक पासबुक और चेकबुक बरामद की गईं, जिनसे आरोपी की आर्थिक गतिविधियों के अहम सुराग मिले हैं।
चार जिलों में फैली करोड़ों की संपत्ति
विजिलेंस जांच में सामने आया कि गगन कुमार सिंह ने नौकरी के दौरान बिहार और झारखंड समेत चार जिलों में संपत्तियां खड़ी कीं।
- बांका (ग्रामीण) क्षेत्र में मकान और गोदाम, अनुमानित कीमत29 करोड़ रुपये
- बांका (शहरी) क्षेत्र में मकान, कीमत करीब70 करोड़ रुपये
- भागलपुर में एक फ्लैट, कीमत लगभग 34 लाख रुपये
- झारखंड के देवघर में मकान, अनुमानित कीमत17 करोड़ रुपये
इसके अलावा आरोपी के नाम या कब्जे में कृषि और आवासीय भूमि से जुड़े 44 बैनामे भी मिले हैं। एक ईंट भट्ठे में निवेश की जानकारी भी सामने आई है।
जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, बरामद सभी दस्तावेजों और संपत्तियों का मूल्यांकन कर उन्हें केस डायरी में शामिल किया जा रहा है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और आगे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।