
नई दिल्ली: हाल ही में दावोस वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी AI शक्ति बताते हुए कहा कि अमेरिका और चीन के बाद भारत AI तैयारी और अपनाने में सबसे आगे है। स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी भी यही दर्शाती है।
भारत को टॉप-5 में लाने वाले मुख्य कारण हैं:
- AI स्किल्स का व्यापक प्रसार
भारत में AI स्किल अब केवल टॉप कंपनियों तक सीमित नहीं, बल्कि इंजिनियर, डेवलपर्स और टेक प्रोफेशनल्स तक फैली है।
कामकाजी महिलाओं में AI स्किल्स का प्रसार वैश्विक औसत से 1.7 गुना ज्यादा है।
- AI टैलेंट और स्टार्टअप्स
अमेरिका और चीन के बाद भारत सबसे व्यापक AI अपनाने वाला देश है।
भारत में 60 लाख से ज्यादा लोग टेक और AI ईकोसिस्टम में काम कर रहे हैं।
GitHub पर वैश्विक AI प्रोजेक्ट्स में योगदान में भारत दूसरे स्थान पर है।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईकोसिस्टम है, जिसमें 3 लाख से ज्यादा स्टार्टअप और 113 यूनिकॉर्न शामिल हैं।
- सरकार का समर्थन
भारत सरकार ने India AI मिशन शुरू किया है, जिसके लिए 10,300 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
38,000 से ज्यादा GPU देश में AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तैयार हैं।
एक करोड़ लोगों को AI स्किल की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है।
- मजबूत डिजिटल पावर
भारत में 143 करोड़ लोग आधार से जुड़े हैं, जो दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पहचान सिस्टम है।
UPI दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट सिस्टम है।
हर महीने 2,000 करोड़ से ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन होते हैं।
- AI का व्यावहारिक इस्तेमाल
सरकारी योजनाओं में पहचान और टारगेटिंग।
अस्पतालों में बीमारी की पहचान।
खेती में फसल सलाह और ट्रैफिक मैनेजमेंट।
फ्रॉड डिटेक्शन और डिजिटल पेमेंट सिक्योरिटी।
IMF का दृष्टिकोण:
IMF ने कहा कि रिसर्च पेपर, सुपरकंप्यूटर और महंगे डेटा सेंटर के आधार पर अमेरिका, चीन और यूरोप आगे हैं।
भारत, ब्राजील और इंडोनेशिया उन देशों में हैं जहां AI यूजर्स और अपनाने की रफ्तार ज्यादा है।
संक्षेप में:
दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल आबादी, मजबूत डिजिटल पहचान और पेमेंट सिस्टम, तेजी से बढ़ता AI टैलेंट और सरकारी समर्थन भारत को ग्लोबल AI टॉप-5 में लाते हैं।
AI रैंकिंग (स्टैनफॉर्ड स्टडी अनुसार)
| देश | स्कोर (0-100) |
| अमेरिका | 78.6 |
| चीन | 36.95 |
| भारत | 21.59 |
भारत अब टॉप-3 में शामिल एकमात्र निम्न-मध्य आय वाला देश है, जो डिजिटल ताकत और AI अपनाने की रफ्तार में दुनिया में अग्रणी साबित हो रहा है।