
गाजियाबाद: शहर में बेलगाम ट्रैफिक और भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी (GDA) ने अब वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत शहर के 9 सबसे व्यस्त चौराहों का सर्वे कराया जाएगा और जाम-फ्री बनाने के लिए मॉडल समाधान विकसित किया जाएगा।
शुरुआत में जीडीए इन चौराहों के सुधार का एस्टिमेट और डिजाइन स्वयं तैयार कर रहा था। लेकिन मंडलायुक्त के निर्देश के बाद अब पेशेवर संस्था UMTC (अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी) को सर्वे और विस्तृत आंकड़े जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है।
सर्वे का उद्देश्य:
UMTC केवल सतही निरीक्षण नहीं करेगी, बल्कि दिन के अलग-अलग समय में वाहनों की संख्या, ट्रैफिक दबाव, पीक आवर्स में जाम और सड़क के राइट ऑफ वे का वैज्ञानिक डेटा जुटाएगी। इसके आधार पर दीर्घकालिक समाधान तैयार किया जाएगा।
जीडीए का लक्ष्य:
इन 9 चौराहों को मॉडल जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल होंगे और राहगीरों को सड़क पार करने में कोई परेशानी नहीं होगी। इससे जाम कम होने के साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी।
काम के प्रमुख चौराहे:
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हापुड़ चुंगी चौराहा
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डासना गेट चौराहा
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चौधरी मोड़
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ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर के नीचे का जंक्शन
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गौशाला फाटक-चौराहा
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ALT सेंटर चौराहा
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कमिश्नरेट ऑफिस के पास का जंक्शन (कलेक्ट्रेट)
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नेहरू नगर-यशोदा अस्पताल कट
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लोहिया नगर-पुराना बस अड्डा चौराहा
नंद किशोर कलाल, वीसी, जीडीए का कहना है कि UMTC की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और शहरवासियों को जल्द ही जाम मुक्त, सुव्यवस्थित सड़कें मिलेंगी।