
कराची/इस्लामाबाद: पाकिस्तान में 5G लॉन्च की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। PTA (पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण) के अनुसार, देश में लगभग 80% स्मार्टफोन 5G फ्रीक्वेंसी बैंड्स को सपोर्ट करने के लिए तैयार हैं। हालांकि एक्सपर्ट इस आंकड़े पर संदेह जता रहे हैं। पाकिस्तान में 5G फरवरी 2026 के अंत तक नीलामी और टेस्टिंग के बाद शुरू हो सकता है।
5G और नेटवर्क स्पीड
PTA का दावा है कि 5G सर्विस शुरू होने के बाद हर यूजर को कम से कम 50 Mbps डाउनलोड स्पीड मिलेगी।
पाकिस्तान की मौजूदा औसत 4G स्पीड लगभग 4 Mbps है, जो 5G आने के बाद 20-25 Mbps तक बढ़ सकती है।
शुरुआती कवरेज में इस्लामाबाद, लाहौर, कराची, पेशावर और क्वेटा शामिल हो सकते हैं।
5G की तैयारी में टेलीकॉम ऑपरेटर्स को फाइबर-टू-द-साइट इंफ्रास्ट्रक्चर को मौजूदा 20% से बढ़ाकर 60% करना होगा।
भारत की तुलना में पाकिस्तान की स्थिति
भारत में वर्तमान में 40 करोड़ यानी 400 मिलियन 5G यूजर्स हैं, जो इसे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G बाजार बनाता है।
भारत में 4G यूजर्स की संख्या लगभग 70-80 करोड़ है और वे तेजी से 5G पर शिफ्ट हो रहे हैं।
पाकिस्तान अभी भी पूरी तरह से 4G पर निर्भर है, ब्रॉडबैंड यूजर्स लगभग 13.8 करोड़ हैं।
औसत इंटरनेट स्पीड तुलना
| नेटवर्क | भारत | पाकिस्तान |
| ——- | ———— | ——————– |
| 4G | 15-25 Mbps | 5-15 Mbps |
| 5G | 250-300 Mbps | 50 Mbps (PTA अनुमान) |
विशेषज्ञों की राय:
पाकिस्तान में 5G का आगमन शुरुआती दौर में बड़े शहरों तक सीमित रह सकता है। हालांकि 5G आने से न सिर्फ सुपरफास्ट इंटरनेट उपलब्ध होगा, बल्कि 4G नेटवर्क की स्पीड और स्थिरता में भी सुधार आएगा।
निष्कर्ष:
जहां भारत दुनिया के बड़े 5G बाजारों में शीर्ष पर है, वहीं पाकिस्तान अभी भी अपनी 5G शुरुआत की तैयारी में है। बड़े शहरों में इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के बाद ही 5G सर्विस आम जनता तक पहुंचेगी।