
उज्जैन (तराना): मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की तराना तहसील में गुरुवार शाम को हुई हिंसक घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए धारा 144 लागू कर दी है। डीआईजी, एसपी, कलेक्टर, एडीएम समेत 300 से अधिक पुलिस जवान पूरे क्षेत्र में तैनात हैं।
क्या हुआ पूरा मामला:
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार शाम विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता साहिल ठाकुर पर एक विशेष समुदाय के युवकों ने हमला किया। इसमें साहिल को गंभीर चोट आई और उनका उपचार उज्जैन जिला चिकित्सालय में चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया और पांच को गिरफ्तार किया।
इसके बाद हिंसा का सिलसिला शुरू हो गया। क्षेत्र में हिंदूवादी संगठनों और स्थानीय लोगों ने विरोध स्वरूप करीब दर्जन भर बसों को तोड़ दिया और एक बस को आग के हवाले कर दिया। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल होते ही तनाव और बढ़ गया। इसके जवाब में दूसरे समुदाय के लोग नई बाखल क्षेत्र में हाथों में धारदार हथियार, तलवार, लोहे की टामी, पाइप और सरिया लेकर तोड़फोड़ करने पहुंच गए। घरों के कांच और खिड़कियां टूट गईं, और बाहर खड़ी बाइकें भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
प्रशासन ने उठाए कड़े कदम:
शाम को डीआईजी नवनीत भसीन, एसपी प्रदीप शर्मा, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर और एडिशनल एसपी गुरु प्रसाद पाराशर ने क्षेत्र का दौरा कर मोर्चा संभाला। पुलिस ने धारा 144 लागू कर फ्लैग मार्च निकाला और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। प्रत्येक गली और चौराहे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने भी लोगों से अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
पाठक चेतावनी:
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम करने के बाद ही हिंसा में शामिल उपद्रवियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।