
दौसा (राजस्थान)। राजस्थान के दौसा जिले के सिकराय क्षेत्र में आयोजित दंगल कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने राजनीति, समाज और संस्कृति से जुड़े अपने विचार रखे। अपने चिर-परिचित अंदाज में उन्होंने कहा कि उन्हें अधिक धार्मिक बातें करना नहीं आता, लेकिन जनता के बीच जाकर संवाद करना, भाषण देना, लोगों को प्रभावित करना, वोट हासिल करना और चुनाव जीतना उन्हें अच्छी तरह आता है।
मीणा ने कार्यक्रम में कहा, “सिकराय क्षेत्र की जनता का मुझ पर विशेष स्नेह और भरोसा रहा है। जिन प्रत्याशियों के समर्थन में मैंने बात रखी, वही चुनाव जीतकर आए। यह इस क्षेत्र की जनता के विश्वास को दर्शाता है।”
ग्रामीण समाज में बदलते हालात पर चिंता
अपने संबोधन में मंत्री ने ग्रामीण समाज में आ रहे बदलावों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले गांवों में बुजुर्गों, पंच-पटेलों और महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि होता था, लेकिन समय के साथ यह परंपरा कमजोर पड़ रही है। आज हालात ऐसे हैं कि गांवों में रिश्तों में दरारें बढ़ रही हैं और पारिवारिक तनाव बढ़ रहा है, जो समाज के लिए शुभ संकेत नहीं है।
महिलाओं की मौजूदगी पर हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति देखकर मंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे पहले भी कई बार यहां आए हैं, लेकिन आज महिलाओं की इतनी बड़ी तादाद देखकर उन्हें लग रहा है कि कुछ तो अलग बात है। उन्होंने कहा कि इससे वे और स्थानीय विधायक तो खुश हैं, लेकिन अगर कोई ऐसी मांग पूरी न हो पाई तो मुश्किल खड़ी हो सकती है। इस टिप्पणी पर पांडाल में हंसी की लहर दौड़ गई।
संस्कृति संरक्षण और सामाजिक मूल्यों पर जोर
मंत्री ने कहा कि समाज में आ रही कई समस्याओं की जड़ सांस्कृतिक मूल्यों का कमजोर होना है। गांवों में सम्मान और अनुशासन की भावना घट रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सामाजिक मूल्यों को सहेजें और भावी पीढ़ी को सही दिशा दें। उनका कहना था कि केवल बड़े आयोजन या धार्मिक कार्यक्रम करने से सुधार नहीं आएगा, बल्कि व्यवहार और सामाजिक आचरण में बदलाव आवश्यक है।