
नई दिल्ली: दिल्ली के सराफा बाजार में सोने और चांदी ने बुधवार को नया रिकॉर्ड बनाया। सोना 1,59,700 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3,34,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। इस तेजी के पीछे सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में निवेश, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ोतरी और रुपये की कमजोरी मुख्य कारण माने जा रहे हैं।
शादी-ब्याह के सीजन में इस उछाल ने घरों की चिंता बढ़ा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि इतनी महंगी चांदी और सोने की कीमतों के बीच नई बहू को पायल या गहने कैसे दिए जाएं।
अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, 99.9% शुद्ध सोने का भाव 6,500 रुपये यानी 4.24% बढ़कर 1,59,700 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गया। चांदी की कीमत लगातार नौवें दिन तेजी दिखाते हुए 11,300 रुपये बढ़कर 3,34,300 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। पिछले नौ कारोबारी दिनों में चांदी के भाव में कुल 90,800 रुपये की वृद्धि हुई है।
चांदी का 9 दिन का रफ्तार भरा सफर:
| दिनांक | कीमत में वृद्धि (₹/किलोग्राम) | चांदी का भाव (₹/किलोग्राम) |
| 9 जनवरी | 6,500 | 2,50,000 |
| 12 जनवरी | 15,000 | 2,65,000 |
| 13 जनवरी | 6,000 | 2,71,000 |
| 14 जनवरी | 15,000 | 2,86,000 |
| 15 जनवरी | 3,000 | 2,89,000 |
| 16 जनवरी | 3,600 | 2,92,600 |
| 19 जनवरी | 10,000 | 3,02,600 |
| 20 जनवरी | 20,400 | 3,23,000 |
| 21 जनवरी | 11,300 | 3,34,300 |
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय भाव से काफी ऊपर हैं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने बताया कि सुरक्षित निवेश की मांग और ETF में मजबूत निवेश ने इस तेजी को जन्म दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना पहली बार 4,800 डॉलर प्रति औंस पार कर गया। हाजिर सोने की कीमत 4,888.46 डॉलर प्रति औंस और हाजिर चांदी की कीमत 94.91 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। विश्लेषकों के अनुसार, यह तेजी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते सुरक्षित निवेश की बढ़ती प्रवृत्ति का परिणाम है।