Wednesday, January 21

भारत-ईयू ट्रेड डील: 27 जनवरी को होगा ऐतिहासिक समझौता, 2 अरब लोगों के लिए बनेगा बड़ा बाजार

 

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नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच होने वाला मुक्त व्यापार समझौता (FTA) ऐतिहासिक मोड़ पर है। दोनों पक्ष इस समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं और इसकी औपचारिक घोषणा 27 जनवरी को होने की उम्मीद है। यह घोषणा गणतंत्र दिवस समारोह के ठीक एक दिन बाद की जाएगी, जिसमें ईयू के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

 

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने कहा कि यह समझौता “सभी सौदों का बाप” यानी Mother of All Deals माना जा रहा है। उनका कहना है कि यह समझौता 2 अरब लोगों के लिए एक बाजार तैयार करेगा, जो वैश्विक GDP का लगभग एक चौथाई हिस्सा है।

 

यात्रा और शिखर सम्मेलन

ईयू के शीर्ष नेता 25 जनवरी से तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर भारत आएंगे। इस दौरान 27 जनवरी को 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा। यूरोपीय नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सीमित और प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता करेंगे। शिखर सम्मेलन के अवसर पर एक भारत-ईयू व्यापार मंच (India-EU Business Forum) भी आयोजित होने की संभावना है।

 

व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

FIEO के महानिदेशक डॉ. अजय सहाय के अनुसार, इस FTA से भारत के सबसे बड़े ट्रेड पार्टनर के साथ व्यापार बढ़ेगा और टैरिफ से जुड़ी चुनौतियों का समाधान आसान होगा। गारमेंट और टेक्सटाइल्स सेक्टर के लिए यह समझौता विशेष अवसर प्रदान करेगा। CTA अपैरल्स के चेयरमैन डॉ. मुकेश कसल का कहना है कि कम ड्यूटी या ड्यूटी फ्री एक्सपोर्ट की सुविधा भारतीय निर्यातकों के लिए लाभकारी होगी।

 

वैश्विक और आर्थिक महत्व

यह समझौता न केवल दोनों क्षेत्रों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद होगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विश्लेषकों का कहना है कि यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाएगा और दुनियाभर के निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा करेगा।

 

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