
नई दिल्ली: PwC के एक ताज़ा सर्वे में खुलासा हुआ है कि निवेश के लिए भारत अब दुनिया के सीईओ का दूसरा पसंदीदा ठिकाना बन गया है। अमेरिका इस लिस्ट में पहले स्थान पर है, जबकि जर्मनी और यूके भी टॉप 5 में शामिल हैं। चीन 5वें स्थान पर है।
सर्वे के अनुसार, साल 2026 तक करीब 13% ग्लोबल सीईओ भारत को निवेश के लिए चुनेंगे, जो पिछले साल के 7% से दोगुना है। वहीं, 35% सीईओ ने अमेरिका को अपनी पहली पसंद बताया। PwC का कहना है कि भारत सरकार के सुधार, जैसे जीएसटी और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम, निवेश के माहौल को और मजबूत कर रहे हैं।
टैरिफ का असर कम
सर्वे में यह भी सामने आया कि केवल 11% सीईओ को लगता है कि टैरिफ उनके बिजनेस के लिए खतरा है, जबकि अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 50% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। दवाएं और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे 40% भारतीय एक्सपोर्ट इससे बाहर हैं। टेक्सटाइल, लेदर और झींगा जैसे कुछ सेक्टर प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने अब वैकल्पिक देशों और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के रास्ते तलाशे हैं।
डोमेस्टिक ग्रोथ से उत्साहित
भारत में 77% सीईओ अपने घरेलू बाजार में अच्छे विकास की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि दुनिया भर में केवल 55% सीईओ अपने-अपने देशों में इतने उत्साहित हैं। इसी तरह, 57% भारतीय सीईओ को अपनी कंपनियों के लिए आने वाले समय में कमाई बढ़ने का पूरा भरोसा है, जो ग्लोबल आंकड़ों से दोगुना है।
AI और नौकरियों पर चेतावनी
सर्वे में यह चेतावनी भी दी गई है कि भारत में 54% और दुनिया भर में 49% सीईओ मानते हैं कि अगले तीन सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से जूनियर लेवल की नौकरियों में कमी आएगी। AI मशीनों को इंसानों की तरह सोचने और काम करने में मदद करती है।
इनोवेशन और ग्रोथ पर जोर
भारतीय कंपनियां अब इनवेशन के जरिए व्यवसाय बढ़ा रही हैं। 57% सीईओ ने बताया कि उनकी कंपनियों ने पिछले पांच सालों में कम से कम एक नए सेक्टर में कदम रखा है। वहीं, आने वाले खतरों में 30% सीईओ ने मैक्रोइकोनॉमिक वोलेटिलिटी और 23% ने साइबर सिक्योरिटी को सबसे बड़ा जोखिम माना है।