
रांची: अब छोटे बगीचों या सीमित जमीन वालों के लिए खेती और मुनाफा दोनों आसान हो गए हैं। रांची के अनगड़ा स्थित मोबाइल एग्रीकल्चरल स्कूल एंड सर्विसेज (मास) संस्थान ने खेती में नई क्रांति ला दी है। संस्थान ने ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे किसान एक एकड़ भूमि में साल भर 10 से 12 लाख रुपए तक की कमाई कर सकते हैं।
एक पेड़ में 14 वैरायटी के आम
संस्थान के सचिव विजय भरत के मार्गदर्शन में वैज्ञानिकों ने ‘ग्राफ्टिंग’ तकनीक के जरिए एक ही पेड़ पर 14 अलग-अलग आम की किस्में उगाने में सफलता हासिल की है। अब दशहरी, लंगड़ा, चौसा, अल्फोंसो या मालदा के लिए अलग-अलग पेड़ लगाने की जरूरत नहीं। संस्थान का अगला लक्ष्य एक ही पेड़ पर 40 वैरायटी उगाना है।
मल्टी-क्रॉप टेक्नोलॉजी
मास संस्थान सिर्फ आम तक सीमित नहीं है। उन्होंने ‘पोमेटो’ टेक्नोलॉजी विकसित की है, जिससे एक ही पौधे में आलू और टमाटर की खेती संभव हो गई है। इसके अलावा, बंद कमरे में मशरूम की खेती और शहरी छतों पर ‘टेरेस फार्मिंग’ के जरिए ताजा सब्जियां उगाने और अतिरिक्त पैदावार बेचने की विधि भी सिखाई जा रही है।
स्मार्ट फार्मिंग से अधिक मुनाफा
संस्थान युवाओं और किसानों को मछली पालन, बकरी पालन और गोपालन की आधुनिक जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रहा है। कम पूंजी और कम जमीन में ‘स्मार्ट फार्मिंग’ के जरिए ज्यादा मुनाफा कमाने की ट्रेनिंग यहां दी जा रही है।
इस पहल से अब छोटे किसान और शहरी परिवार भी कम जमीन में अधिक पैदावार और लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं।