
नई दिल्ली: भारतीय सेना ने अनुशासन और परंपराओं का एक अद्वितीय उदाहरण पेश किया है। हाल ही में एक जवान की पदोन्नति (Promotion) चलती ट्रेन में ही आयोजित समारोह के माध्यम से की गई। यह अनूठी सेरेमनी न केवल सेना के अनुशासन को दर्शाती है, बल्कि असामान्य परिस्थितियों में अनुकूलन की क्षमता का भी परिचायक है।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
सोशल मीडिया पर इस समारोह के कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में जवान वर्दी में पूरी स्पीड से चलती ट्रेन पर परेड करते नजर आते हैं। परेड के बाद कमांडिंग ऑफिसर और सूबेदार मेजर जवान के कंधों पर रैंक बैज लगाते हैं और औपचारिक रूप से हाथ मिलाते हैं। इस दौरान सेना ने सभी सैन्य परंपराओं और प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा।
कर्नल मयंक चौबे ने की खास टिप्पणी
सेरेमनी का वीडियो साझा करते हुए कर्नल मयंक चौबे ने इसे “दुनिया की सबसे दुर्लभ पदोन्नति परेड” बताते हुए कहा, “यह कैमरों के लिए प्रतिकात्मक प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारतीय सेना का जीवंत आदर्श है। राष्ट्र गति में है और सेना भी। कर्तव्य किसी समारोह के लिए नहीं रुकता, समारोह कर्तव्य के साथ चलता है।”
अनूठा और प्रेरणादायक आयोजन
कर्नल ने बताया कि इस सेरेमनी में कोई परंपरागत परेड ग्राउंड नहीं था, लेकिन अनुशासन और सम्मान का पूरा ध्यान रखा गया। यह आयोजन साबित करता है कि सेना किसी आदर्श परिस्थिति की प्रतीक्षा नहीं करती, बल्कि मिशन और कर्तव्य के बीच भी अपने जवानों का सम्मान सुनिश्चित करती है।
यह अद्वितीय पहल भारतीय सेना की अनुशासन, प्रतिबद्धता और रचनात्मक नेतृत्व की मिसाल के रूप में याद की जाएगी।