जयपुर: 9 जनवरी की काली रात, जब जयपुर में 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती एक ऑडी ने 16 लोगों की जिंदगी बर्बाद कर दी थी, उसका मुख्य आरोपी दिनेश रणवा अब पुलिस की गिरफ्त में है। 25 हजार रुपये के इनामी इस आरोपी को पकड़ने के लिए जयपुर पुलिस ने रिंग रोड पर एक बड़े सर्च ऑपरेशन का संचालन किया। अंततः वह झाड़ियों और धूल के बीच से दबोचा गया।
जंगल में कट गई 8 घंटे की फरारी
पुलिस पूछताछ में दिनेश ने फरारी की भयावह दास्तान सुनाई। एक्सीडेंट के तुरंत बाद वह पैदल ही गोनेर से भाग निकला। सीसीटीवी कैमरों की नजर से बचने के लिए दिनेश सड़क के बजाय झाड़ियों और जंगलों में चलता रहा। 8 घंटे तक भागने के बाद शरीर जवाब देने लगा। भूख लगी तो भेड़ चराने वालों से खाना मांगकर रात जंगल में ही गुजारी।
हरियाणा और हरिद्वार की दौड़, फिर लौटे राजस्थान
खुद को हरियाणा का बताकर और झूठी लूट की कहानी सुनाकर दिनेश ने एक ट्रक चालक से लिफ्ट ली और करनाल पहुंचा। वहां से वह हरिद्वार भाग गया। लेकिन पुलिस ने पहले ही उसकी घेराबंदी कर ली थी। उसके बैंक अकाउंट सीज कर दिए गए। जब जेब खाली हुई और भूख ने सताया, तो वह वापस राजस्थान की ओर मुड़ा। अपनी छिपने की जगह तलाशते समय वह पुलिस के जाल में फंस गया।
500 कैमरे और 100 किलोमीटर का सर्च ऑपरेशन
डीसीपी राजर्षि राज वर्मा के मुताबिक, इस ‘ऑडी कांड’ के आरोपी को पकड़ना चुनौतीपूर्ण था। पुलिस ने लगभग 100 किलोमीटर के दायरे में लगे 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और ढाबों, होटलों व ट्रक हॉल्ट्स पर निगरानी रखी। अंततः रिंग रोड पर पैदल भटकते हुए दिनेश को दबोच लिया गया।
9 जनवरी की उस रात की लापरवाही ने एक घर का चिराग बुझा दिया और 15 अन्य को अस्पताल पहुंचा दिया। अब दिनेश रणवा कानून के शिकंजे में है और उसे अपने हर गुनाह का हिसाब देना होगा।