
नई दिल्ली: हिमालय और उत्तर-पश्चिमी भारत में इस जनवरी माह में मौसम का रुख बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले हफ्ते पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में लगातार दो वेस्टर्न डिस्टर्बेस सक्रिय होंगे, जो 23 जनवरी को कुछ जगहों पर भारी बारिश और बर्फबारी ला सकते हैं। 22 से 24 जनवरी के बीच उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में भी बारिश की संभावना है।
असामान्य ठंड और शुष्क मौसम:
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर से जनवरी का यह ठंड और शुष्क मौसम 1901 के बाद सबसे कम बारिश वाला दौर रहा है। उत्तराखंड में पूरी तरह बारिश नहीं हुई, हिमाचल प्रदेश में दिसंबर में छठी बार सबसे कम बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि जम्मू-कश्मीर में भी बर्फबारी और बारिश दोनों में कमी आई है।
ग्लेशियर और जल प्रवाह पर असर:
ICIMOD के सैटलाइट डेटा के अनुसार, हिमालय में पिछले दो दशकों में सबसे कम बर्फबारी दर्ज की गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर धरती का तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो बर्फबारी का मौसम और छोटा होगा, जिससे जल सुरक्षा, वन अग्नि जोखिम और कृषि उत्पादकता पर गंभीर असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग का अनुमान:
21 जनवरी तक: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी।
22-24 जनवरी: व्यापक क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी।
23 जनवरी: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान: हल्की से मध्यम बारिश।
दिल्ली: 22-24 जनवरी के दौरान गरज के साथ बारिश की संभावना।
देरी से बर्फबारी के गंभीर परिणाम:
शुरुआती बर्फबारी ग्लेशियर और नदियों के जल प्रवाह को धीरे-धीरे बनाए रखती है। लेकिन जनवरी के अंत, फरवरी और मार्च में बर्फ जल्दी पिघलने से सतह पर्याप्त देर तक नम नहीं रहती और नदियों में जल प्रवाह अचानक बढ़ जाता है।
मौसम विभाग ने लोगों से चेतावनी दी है कि आगामी सप्ताह में बारिश और बर्फबारी की संभावना के चलते वाहन चालक, पर्वतारोही और किसान विशेष सतर्क रहें।