Monday, January 19

नोएडा में इंजीनियर की गड्ढ़े में गिरकर मौत पर आक्रोश, सोसायटियों ने निकाला कैंडल मार्च

 

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नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने स्थानीय लोगों में गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। युवराज की अपार्टमेंट बेसमेंट के लिए खोदी गई खाई में कार समेत गिरकर डूबने से मौत हो गई।

 

घटना सेक्टर-150, ली ग्रैडिओस मोड़ पर हुई, जिसने अधिकारियों की कथित लापरवाही उजागर की। स्थानीय सोसायटी निवासियों ने रविवार को कैंडल मार्च निकालकर इस हादसे के प्रति सख्त कार्रवाई की मांग की।

 

लोगों का गुस्सा:

सोसायटी निवासी पंकज ने कहा कि अगर पुलिस और प्रशासन समय पर सक्रिय होते, तो उनके दोस्त की जान बच सकती थी। शैकी त्यागी ने बताया कि यह गड्ढा अब ‘डेथ जोन’ बन चुका है। बेसमेंट के लिए खोदा गया गड्ढा पानी से भरा हुआ है और बिल्डर की ओर से कोई काम नहीं चल रहा।

 

श्वेता कक्कड़ ने कहा कि 90 डिग्री मोड़ को कोहरे के कारण दिखाई नहीं देता। अखिलेश ने बताया कि गड्ढे के पास कोई सुरक्षा दीवार नहीं बनी है और रोड के बाद सीधे गहरे पानी से भरा गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए अत्यंत खतरनाक है।

 

युवराज की अंतिम बातचीत:

युवराज के पिता राजकुमार मेहता ने बताया कि हादसे वाली रात उनके बेटे ने गुड़गांव से निकलते समय उनसे फोन पर बात की और रास्ते में दो दोस्तों को नोएडा छोड़ा। इसके बाद ही वह अपने गड्ढे में कार सहित गिर गया।

 

प्रशासन की प्रतिक्रिया:

हादसे के दो दिन बाद पुलिस और नोएडा प्राधिकरण अधिकारी सक्रिय दिखे। प्रशासन ने शनिवार को घटनास्थल के पास मलबा डाल दिया और रविवार को अस्थायी बैरिकेडिंग लगाई। हालांकि स्थानीय लोगों ने इसे खानापूर्ति करार दिया। सोसायटी निवासी अमित शुक्ला ने कहा कि बैरिकेडिंग पर रिफलेक्टिंग टेप भी नहीं लगाया गया, जिससे अंधेरे और कोहरे में यह दिखाई नहीं देता।

 

सोसायटियों का कहना है कि यदि प्रशासन और प्राधिकरण सुरक्षा उपायों को गंभीरता से लेते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

 

 

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