Saturday, January 17

इजरायल और अमेरिका के खिलाफ परमाणु तैयारी में जुटा ईरान 24 घंटे चल रही मिसाइल प्रोडक्शन लाइन, चीन से मिल रही गुप्त तकनीकी मदद

तेहरान: ईरान में भारी विरोध प्रदर्शनों और आंतरिक अशांति के बावजूद सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए हुए खामेनेई के नेतृत्व वाला इस्लामिक शासन अब खुद को एक बड़े युद्ध के लिए तैयार करता नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ईरान की मौजूदा सैन्य और परमाणु तैयारियां पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।

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हाल के महीनों में ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को बेहद कठोर तरीके से कुचला गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दमन में हजारों लोगों की मौत हुई है, जिनकी संख्या कुछ आकलनों में 12 हजार से अधिक बताई जा रही है। इसके बाद से ईरानी नेतृत्व के भीतर असुरक्षा और आक्रामकता दोनों बढ़ी हैं।

ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अपने बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु हथियार कार्यक्रम को तेज कर दिया है। बताया गया है कि पिछले साल जून में ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हुए अमेरिकी हमलों के बावजूद उसका बड़ा परमाणु भंडार सुरक्षित बच गया। ईरान के पास करीब आधा टन समृद्ध यूरेनियम मौजूद है, जो सैन्य उपयोग के बेहद करीब माना जा रहा है।

इजरायल पर बड़े हमले की आशंका

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान भविष्य में इजरायल पर करीब 2000 मिसाइलों से हमला करने की योजना बना रहा है। यह हमला जून 2025 में हुए 12 दिन के संघर्ष से भी कहीं अधिक विनाशकारी हो सकता है। उस संघर्ष के दौरान ईरान ने लगभग 550 बैलिस्टिक मिसाइलें और 1000 से ज्यादा ड्रोन दागे थे, जिससे इजरायल को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।

चीन की तकनीक से मिसाइलें हो रहीं अपग्रेड

सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, ईरान को इस बार चीन से उन्नत तकनीकी मदद मिल रही है। इस सहयोग से ईरान एक साथ कई गुना अधिक बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें दागने की क्षमता विकसित कर रहा है, जिन्हें रोकना इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली के लिए बेहद कठिन होगा।

24 घंटे चल रहा हथियार उत्पादन

रिपोर्ट में कहा गया है कि देशभर में विरोध और अस्थिरता के बावजूद ईरान की मिसाइल उत्पादन इकाइयां चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। इजरायल के इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज के विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध का अगला चरण शुरू हुआ, तो इजरायल सिर्फ सैन्य और परमाणु ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तेल प्रतिष्ठानों और ईरानी शासन के केंद्रों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

परमाणु बम बनाने की क्षमता

विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान के पास करीब 400 किलोग्राम यूरेनियम है, जो 60 प्रतिशत तक समृद्ध है। यदि इसे 90 प्रतिशत के सैन्य स्तर तक समृद्ध किया गया, तो इससे लगभग 10 परमाणु बम बनाए जा सकते हैं। यही वजह है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वैश्विक चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय को डर है कि अगर इजरायल या अमेरिका ने दोबारा सैन्य कार्रवाई की, तो ईरान पूरी ताकत से जवाब देगा, जिससे संघर्ष पूरे मध्य-पूर्व और खाड़ी देशों तक फैल सकता है।

 

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