Saturday, January 17

जिस नौकरानी को बच्चे की देखभाल के लिए रखा, वही निकली ‘जल्लाद’, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा

 

This slideshow requires JavaScript.

 

जबलपुर: जिले की अदालत ने दो साल के बच्चे के साथ क्रूरता करने वाली घरेलू सहायिका रजनी चौधरी अहिरवार को तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। मामला तब उजागर हुआ जब माता-पिता ने अपने बेटे मनविक के अचानक बीमार पड़ने पर घर में CCTV कैमरे लगवाए।

 

जानकारी के अनुसार, मुकेश विश्वकर्मा और सोनाली शर्मा ने अपने दो साल के बेटे की देखभाल के लिए रजनी चौधरी को काम पर रखा था। रजनी को हर महीने 5,000 रुपये मिलते थे। कुछ महीनों में मनविक ने हंसना, खेलना और खाना-पीना बंद कर दिया और अक्सर बीमार रहने लगा। डॉक्टरों की जांच में उसके पेट में संक्रमण पाया गया।

 

CCTV फुटेज में देखा गया कि रजनी मनविक को बालों से खींच रही थी, उसके पेट में मुक्के मार रही थी, गला घोंट रही थी और नुकीली कंघी से वार कर रही थी। वह जानबूझकर बच्चे को भूखा रखती थी और अक्सर उसका खाना खुद खा जाती थी।

 

माता-पिता ने 13 जून 2022 को मदन महल पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई और सबूत के रूप में CCTV फुटेज, पेन ड्राइव, डीवीडी और मेडिकल रिकॉर्ड जमा किए।

 

अभियोजन पक्ष ने अदालत में सबूत पेश किए और अदालत ने रजनी को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (दो मामले) और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत दोषी पाया। अदालत ने तीन साल की जेल की सजा सुनाई और कोई नरमी नहीं बरती।

 

Leave a Reply