
नई दिल्ली। महज़ छह साल की उम्र में पिता का साया उठ जाना किसी भी बच्चे के लिए गहरा आघात होता है, लेकिन 22 वर्षीय सेजल चौहान ने इस दर्द को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। मां की मेहनत, संघर्ष और आत्मसम्मान ने सेजल को ऐसा हौसला दिया कि आज वह डांस को न सिर्फ़ अपना जुनून, बल्कि अपना करियर बना चुकी हैं।
सेजल बताती हैं कि पिता के निधन के बाद उनकी ज़िंदगी पूरी तरह बदल गई। परिवार की सारी जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर आ गई। सीमित आमदनी के बावजूद मां ने कभी हालात से समझौता नहीं किया। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने सिलाई और थेरेपी का काम कर दोनों बच्चों की पढ़ाई और ज़रूरतों को पूरा किया। सेजल कहती हैं, “मां ने हमें मेहनत करना बैठकर नहीं सिखाया, बल्कि अपने कर्मों से सिखाया।”
छोटी उम्र में संभाली जिम्मेदारी
मां का बोझ हल्का करने के लिए सेजल ने भी कम उम्र में प्रयास शुरू कर दिए। पढ़ाई के साथ उन्होंने भरतनाट्यम और बॉलीवुड डांस सीखा और कुछ समय बाद बच्चों को डांस सिखाने लगीं। इससे मिलने वाली फीस से वे अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल लेती थीं। आज सेजल ग्रेजुएशन के बाद कथक में डिग्री कर रही हैं और प्रोफेशनल डांसर के रूप में आगे बढ़ रही हैं।
डांस बना पहचान
सेजल का कहना है कि डांस उनके लिए सिर्फ़ कला नहीं, बल्कि साधना है। इसी समर्पण का परिणाम है कि आज वे स्टेज पर परफॉर्म करती हैं, डांस सिखाती हैं और कई नामचीन सेलेब्रिटीज के साथ बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम कर चुकी हैं। कुछ म्यूजिक एल्बम में भी वे नज़र आ चुकी हैं।
वे कहती हैं, “जब मेरे सिखाए हुए छात्र स्टेज पर परफॉर्म करते हैं, तो मुझे सबसे ज़्यादा खुशी होती है। कला जितनी बांटी जाती है, उतनी ही निखरती है।”
जेन जी को लेकर बनी धारणाएं गलत
सेजल मानती हैं कि नई पीढ़ी को अक्सर लापरवाह कह दिया जाता है, जबकि हकीकत इससे अलग है। “हम अपनी बात बेझिझक रखते हैं और अगर हमें लगता है कि हमारा फैसला सही है, तो हम उस पर डटे रहते हैं। हम बड़ों का सम्मान करते हैं, लेकिन गलत बातों को चुपचाप स्वीकार नहीं करते,” वे कहती हैं।
मां से मिली आत्मनिर्भरता की सीख
सेजल बताती हैं कि उनकी मां को सिर्फ़ 12वीं तक पढ़ने का मौका मिला, उसके बाद शादी हो गई। घर और करियर दोनों संभालते हुए उन्हें कई त्याग करने पड़े, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को आत्मसम्मान के साथ जीना सिखाया।
“मां ने मुझे अपने फैसले खुद लेने की आज़ादी दी, अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाना सिखाया। यही वजह है कि आज मेरी ज़िंदगी मां से बेहतर है और यही उनकी सबसे बड़ी जीत है,” सेजल गर्व से कहती हैं।