Friday, January 16

टैरिफ के बावजूद भारत का निर्यात बढ़ा, अमेरिका में गिरावट के बीच चीन को एक्सपोर्ट में भारी उछाल

नई दिल्ली।
अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात दिसंबर में सालभर पहले की तुलना में 1.87% बढ़कर 38.5 बिलियन डॉलर रहा। हालांकि इस दौरान सबसे बड़े एक्सपोर्ट मार्केट अमेरिका को निर्यात में 1.83% की गिरावट आई। वहीं, कुल आयात 8.7% बढ़कर 63.55 बिलियन डॉलर रहा, जिससे व्यापार घाटा सालभर पहले के 20.6 बिलियन डॉलर से बढ़कर 25.04 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया।

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दिसंबर में निर्यात और आयात की स्थिति

  • नवंबर में भारत का निर्यात करीब 20% बढ़ा था।
  • दिसंबर में सिल्वर का आयात66% बढ़कर 75.8 करोड़ डॉलर रहा।
  • अप्रैल से दिसंबर 2025 तक वस्तुओं का कुल निर्यात सालाना44% बढ़कर 330.29 बिलियन डॉलर हो गया।

चीन और अमेरिका का प्रदर्शन

  • चीन को भारत का निर्यात35% बढ़कर 204.7 करोड़ डॉलर हुआ, जबकि वहां से आयात 20.01% बढ़कर 1169.2 करोड़ डॉलर रहा।
  • अमेरिका को निर्यात सालभर पहले से83% घटकर 688.6 करोड़ डॉलर रहा। अमेरिका ने 27 अगस्त से 50% टैरिफ लागू किया, जिसके बाद सितंबर से दिसंबर तक निर्यात 25.6 बिलियन डॉलर का रहा, जो सालभर पहले इसी अवधि में 25.8 बिलियन डॉलर था।

निर्यात में वृद्धि का कारण

कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने कहा, चुनौतियों के बावजूद निर्यात बढ़ रहा है। इस वित्त वर्ष में वस्तुओं का निर्यात 450 बिलियन डॉलर के पार जा सकता है, जबकि सेवाओं सहित कुल निर्यात 850 बिलियन डॉलर से अधिक होने की उम्मीद है।”

FIEO के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन ने कहा कि अप्रैल-दिसंबर के दौरान निर्यात में बढ़ोतरी निर्यातकों की क्षमता और लचीलापन का प्रमाण है।

किस सेक्टर में हुई तेजी और कमी

  • कमी: पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, जेम्स एंड जूलरी, चावल, प्लास्टिक और लेदर प्रोडक्ट्स का निर्यात घटा।
  • तेजी: इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री उत्पाद और दवाओं का निर्यात बढ़ा।

विशेष नोट: भारत और अमेरिका के बीच $500 बिलियन के निर्यात-आयात टारगेट को लेकर आज फिर से बातचीत शुरू होगी।

इस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और टैरिफ के बावजूद भारतीय निर्यातक लगातार नए बाजार और अवसर तलाश रहे हैं, खासकर चीन और अन्य एशियाई देशों में।

 

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