
सिडनी, 16 जनवरी: ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) अगले सीजन से क्रिकेट में एक नया और अनोखा नियम लागू करने जा रही है। इसे ‘डेजिग्नेटेड बैटर और फील्डर रूल’ कहा जा रहा है। इस नियम के तहत टीमों को एक ऐसा खिलाड़ी चुनने का विकल्प मिलेगा जो केवल बल्लेबाजी करेगा और गेंदबाजी या फील्डिंग में हिस्सा नहीं लेगा।
यदि कोई टीम डेजिग्नेटेड बैटर चुनती है, तो उसे डेजिग्नेटेड फील्डर भी चुनना होगा, जो केवल फील्डिंग और विकेटकीपिंग कर सकेगा, लेकिन गेंदबाजी नहीं कर पाएगा। इस नियम के ज़रिए लीग का मकसद बल्लेबाजों और फील्डिंग में विशेषज्ञता रखने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन को और रोमांचक बनाना है।
नियम वैकल्पिक, टीमें अपनी मर्जी से चुन सकती हैं
यह नया नियम टीमें अपनाने के लिए बाध्य नहीं हैं। इच्छानुसार टीमें पारंपरिक प्लेइंग इलेवन के साथ भी खेल सकती हैं। BBL पहले भी अपने लीग में कई नए प्रयोग कर चुका है, जैसे ‘पावर सर्ज’ और ‘X-फैक्टर रूल’। हालांकि, X-फैक्टर नियम 2021-22 के बाद बंद कर दिया गया था क्योंकि इसका ज्यादा इस्तेमाल नहीं हुआ।
नया नियम कैसे काम करेगा?
- टॉस के समय ही टीम यह तय करेगी कि कौन सा खिलाड़ी सिर्फ बल्लेबाजी करेगा।
- डेजिग्नेटेड बैटर मैदान पर केवल बैटिंग करेगा, गेंदबाजी और फील्डिंग से दूर रहेगा।
- टीम को एक डेजिग्नेटेड फील्डर भी चुनना होगा, जो सिर्फ फील्डिंग और विकेटकीपिंग करेगा, गेंदबाजी नहीं।
BBL के अधिकारियों का मानना है कि इस नियम से मैच में रणनीति और रोमांच दोनों बढ़ेंगे। अब देखना यह है कि टीमें इस नियम का कितना इस्तेमाल करती हैं और यह कितनी प्रभावी साबित होता है।