Friday, January 16

सपनों को हकीकत में बदल दिया: IIM को ठुकराया, सिर्फ ₹5,000 से शुरू किया ‘लैंड ऑफ केक्स’, अब कमाई ₹2 करोड़ सालाना

नई दिल्ली।
मेघा सरायन की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो अपने जुनून को करियर में बदलने का सपना देखते हैं। कोलकाता की मेधावी छात्रा मेघा ने कभी नहीं सोचा था कि उनका भविष्य कॉर्पोरेट ऑफिस के बजाय केक और ओवन के बीच होगा। एक कैजुअल कुकिंग वर्कशॉप से शुरू हुआ उनका शौक आज लैंड ऑफ केक्स नामक मल्टी-करोड़ स्टार्टअप में बदल चुका है।

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मां की रसोई से शुरुआत

साल 2017 में मेघा पढ़ाई के साथ-साथ शौक के लिए केक बनाती थीं। दोस्तों के प्रोत्साहन पर उन्होंने जोमैटो पर अपना पहला प्रोडक्ट चॉकलेट ट्रफल केक लिस्ट किया। बिना किसी बिजनेस अनुभव के उन्होंने मां की रसोई से काम शुरू किया और पहले महीने केवल 3,000 रुपये कमाए।

जल्द ही उन्होंने 5,000 रुपये के निवेश से 100 वर्ग फीट की छोटी जगह किराए पर लेकर आधिकारिक तौर पर लैंड ऑफ केक्स की शुरुआत की। दिन में कॉलेज और रात में ऑर्डर पूरे करने की मेहनत रंग लाई।

जोमैटो के साथ पार्टनरशिप ने बढ़ाई रफ्तार

मेघा के बिजनेस के लिए असली बदलाव तब आया जब उन्होंने जोमैटो के साथ एक्सक्लूसिव पार्टनरशिप की। इससे उनके डेली ऑर्डर 8 से बढ़कर 25 तक पहुंच गए। पहले साल के अंत तक उनका रिवेन्यू 3 लाख रुपये तक पहुंचा और 500 से अधिक ग्राहकों को सेवा मिली। इस सफलता ने उन्हें टीम बनाने और ऑपरेशंस ऑटोमेट करने का आत्मविश्वास दिया।

IIM का ऑफर ठुकराया, बिजनेस को चुना

जब मेघा का सेलेक्शन IIM कोझिकोड में MBA के लिए हुआ, तो उनके सामने कठिन विकल्प था: हायर एजुकेशन या बढ़ता हुआ बिजनेस। मेघा ने अपने जुनून को चुना और IIM जाने से मना कर दिया। कोरोना महामारी के दौरान ऑफलाइन बेकरी बंद होने के बावजूद ऑनलाइन ऑर्डर्स की बाढ़ ने साबित कर दिया कि उनके पास लॉयल कस्टमर बेस है।

सालाना ₹2 करोड़ तक पहुंचा रिवेन्यू

नवंबर 2021 में मेघा ने अपने बिजनेस को बड़े स्तर पर ले जाते हुए 1,500 वर्ग फीट की फैसिलिटी ली और कोलकाता में तीन क्लाउड किचन शुरू किए। 2024 में पहला कैफे ‘On D’ Go’ लॉन्च किया। आज लैंड ऑफ केक्स 100 से अधिक उत्पादों के साथ सालाना ₹2 करोड़ का रिवेन्यू कमा रहा है। दिसंबर 2024 में इसे 72 लाख रुपये की एंजेल फंडिंग भी मिली।

मेघा का लक्ष्य अब अपने स्टार्टअप को ₹6 करोड़ टर्नओवर तक ले जाना और पूरे भारत में एक लेजेंडरी बेकरी ब्रांड बनाना है।

मेघा की कहानी यह सिखाती है कि जुनून, मेहनत और साहस से छोटे से निवेश को भी मल्टीकरोड़ बिजनेस में बदला जा सकता है।

 

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