
मथुरा। मथुरा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। वृंदावन निवासी रेशमा अपने तीन बच्चों के साथ स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने आई थीं, तभी एक शातिर युवक ने दिनदहाड़े उनके पांच वर्षीय बेटे का अपहरण कर लिया और शटल ट्रेन में बैठकर फरार हो गया।
मां की आंखों के सामने हुआ अपहरण
रेशमा टिकट काउंटर पर थीं और अपनी छोटी बेटी को लघुशंका कराने टॉयलेट गई थीं। दोनों बेटे और सामान प्लेटफॉर्म पर छोड़ दिया था। तभी युवक ने बड़े बेटे को बुलाने के बहाने अकेला किया और उसे शटल ट्रेन में बैठाकर रफूचक्कर हो गया। रेशमा जब वापस लौटीं, तो ट्रेन रफ्तार पकड़ चुकी थी और उनका बेटा गायब था।
पुलिस और परिजनों की प्रतिक्रिया
बच्चे की मां की चीख-पुकार सुनकर जीआरपी और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही पिता एजाज और अन्य परिजन भी स्टेशन पहुंचे। जीआरपी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह ने बताया कि CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है। बच्चे के पिता की तहरीर पर अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही बच्चा बरामद कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
स्टेशन सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
मथुरा जंक्शन पर बच्चे चोरी की घटनाएं लगातार होती रही हैं। 22 अगस्त 2025 को यूपी संपर्क क्रांति ट्रेन से एक वर्षीय बच्ची चोरी हुई थी, जबकि 15 सितंबर 2024 को स्टेशन परिसर से सात माह का बच्चा गायब हो गया था। 2021-22 के दो सालों में भी लगातार बच्चा चोरी की वारदातें दर्ज हुईं, जिससे यात्रियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।