
नई दिल्ली:
न्यूजीलैंड के खिलाफ राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में टीम इंडिया को करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद एक बार फिर टीम संयोजन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल खड़े हो गए हैं। खास तौर पर रविंद्र जडेजा के खेल ने क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों को निराश किया है। सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट गलियारों तक अब उन्हें टीम से बाहर करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
मुश्किल वक्त में जडेजा बने बोझ
राजकोट वनडे में जब टीम इंडिया को तेजी से रन बनाने की जरूरत थी, तब जडेजा क्रीज पर टिके तो जरूर, लेकिन रन गति बढ़ाने में पूरी तरह नाकाम रहे। उन्होंने 44 गेंदों पर सिर्फ 27 रन बनाए। उनकी धीमी पारी ने न सिर्फ रन रेट को नीचे रखा, बल्कि दूसरे बल्लेबाजों पर भी अतिरिक्त दबाव बना दिया। नतीजा यह हुआ कि भारत बड़ा स्कोर खड़ा करने से चूक गया।
गेंदबाजी में भी फीका प्रदर्शन
बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी में भी जडेजा से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वहां भी वे असर छोड़ने में नाकाम रहे। उन्होंने 8 ओवर फेंके, लेकिन एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। बीच के ओवरों में अनुभवी स्पिनर से विकेट निकालने और रन रोकने की जो उम्मीद थी, उस पर वे खरे नहीं उतर पाए। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने उन्हें आसानी से खेला।
लगातार खराब फॉर्म ने बढ़ाई चिंता
यह पहली बार नहीं है जब जडेजा का प्रदर्शन सवालों के घेरे में आया हो। पहले वनडे में भी उन्होंने 9 ओवर में 56 रन लुटाए और बल्लेबाजी में महज 4 रन बना सके थे। पिछले कुछ मैचों से उनका न तो बल्ला चल रहा है और न ही गेंद में पहले जैसी धार नजर आ रही है। इसी वजह से अब उन्हें टीम की “कमजोर कड़ी” माना जाने लगा है।
क्या अब अक्षर पटेल को मिलेगा मौका?
जडेजा के लगातार खराब प्रदर्शन के बीच अब अक्षर पटेल को वनडे टीम में वापस लाने की मांग तेज हो गई है। अक्षर मौजूदा समय में शानदार फॉर्म में हैं। वे न सिर्फ जडेजा से ज्यादा आक्रामक बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं, बल्कि गेंदबाजी में भी सटीक लाइन-लेंथ के साथ विकेट निकालने में माहिर हैं।
चयनकर्ताओं के सामने बड़ा सवाल
टीम इंडिया के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या फॉर्म से जूझ रहे जडेजा को और मौके दिए जाएं या फिर टीम की मजबूती के लिए अक्षर पटेल जैसे इन-फॉर्म खिलाड़ी को मौका मिले। आने वाले मुकाबलों से पहले चयनकर्ताओं का यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।