Thursday, January 15

इंडिया ओपन में बवाल के बीच स्टैंड्स तक पहुंचा बंदर, टूर्नामेंट के दौरान दिखा अनोखा नजारा

नई दिल्ली:
इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में जहां एक ओर मुकाबले रोमांचक मोड़ पर हैं, वहीं दूसरी ओर लगातार हो रही अव्यवस्थाओं के बीच बुधवार को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के दौरान स्टेडियम के स्टैंड्स में एक बंदर नजर आया, जिसने कुछ देर तक मैच का लुत्फ उठाया और फिर चुपचाप वहां से चला गया।

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स्टेडियम में अचानक पहुंचाअनचाहा मेहमान

यह घटना 14 जनवरी को इंडिया ओपन वर्ल्ड टूर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान सामने आई। सुबह के सत्र में जब दर्शकों की संख्या कम थी, उसी दौरान स्टेडियम के ऊपरी हिस्सों में एक बंदर घूमता हुआ दिखाई दिया। करीब 8000 दर्शकों की क्षमता वाले इस बड़े इंडोर स्टेडियम में यह नजारा देखकर खिलाड़ी और मौजूद स्टाफ भी हैरान रह गए।

बताया जा रहा है कि कामकाजी दिन होने, टिकटों की कीमत और पार्किंग की समस्या के कारण दर्शकों की संख्या कम थी। इसी खालीपन के बीच यह बंदर स्टैंड्स में बैठकर कुछ देर तक मैच देखता रहा और फिर बिना किसी हंगामे के इंडोर हॉल से बाहर निकल गया।

 

प्रैक्टिस कोर्ट तक भी पहुंचा बंदर

स्टेडियम से निकलने के बाद यही बंदर केडी जाधव स्टेडियम के प्रैक्टिस कोर्ट में भी देखा गया। वहां वह कोरियाई टीम के अभ्यास सत्र को कुछ देर तक देखता रहा और फिर वहां से भी चला गया। सौभाग्य से इस दौरान किसी खिलाड़ी या दर्शक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

 

खिलाड़ियों ने ली हल्केफुल्के अंदाज में चुटकी

हालांकि इस घटना से किसी तरह की बाधा नहीं हुई, लेकिन खिलाड़ियों ने इस पर मजाकिया प्रतिक्रिया जरूर दी। पूर्व पुरुष युगल विश्व चैंपियन कांग मिनह्युक ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बंदर का वीडियो साझा करते हुए लिखा, क्या जानवरों के लिए प्रवेश निःशुल्क है?”। उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।

 

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आवारा कुत्तों का दिखना पहले भी आम रहा है, जिन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे। इसके बावजूद पहले कबूतर और अब बंदर का स्टेडियम के अंदर तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। हालांकि इस बार मामला सिर्फ एक हल्की-फुल्की और अप्रत्याशित घटना तक ही सीमित रहा।

 

आयोजकों के लिए चेतावनी

यह घटना भले ही किसी बड़ी अव्यवस्था का कारण न बनी हो, लेकिन आयोजकों के लिए यह एक चेतावनी जरूर है। भविष्य में खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े इंतजाम करना जरूरी होगा। बंदर बिना किसी परेशानी के चला गया, लेकिन उसकी मौजूदगी ने इंडिया ओपन के बीच चल रहे बवाल में एक और दिलचस्प अध्याय जोड़ दिया।

 

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