
ईरान में महंगाई और करेंसी गिरावट के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शन अब तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुके हैं। राजधानी तेहरान से शुरू हुए विरोध अब देश के लगभग सभी बड़े शहरों में फैल गए हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसा जारी है।
नॉर्वे स्थित संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) के मुताबिक, अब तक 648 लोग प्रदर्शन के दौरान मारे जा चुके हैं, जिनमें नौ नाबालिग भी शामिल हैं। हजारों लोग घायल हुए हैं। संगठन का कहना है कि इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण जमीन पर वास्तविक स्थिति का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। इसके अनुमान के अनुसार, मृतकों की संख्या 6,000 तक हो सकती है और कम से कम 10,000 लोग हिरासत में लिए गए हैं।
ईरान सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बढ़ाई है और देशभर में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है। सरकार का आरोप है कि प्रदर्शन विदेशी ताकतों, खासकर अमेरिका और इजरायल, द्वारा उकसाए गए हैं। वहीं, प्रदर्शनकारी और ईरान के पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी का कहना है कि सरकार की कार्रवाई में आम लोगों की जान जा रही है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए इसे आज़ादी का आंदोलन बताया है और हिंसा रोकने के लिए ईरान को चेतावनी दी है। इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।
प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच यह गतिरोध जारी है। तेहरान और अन्य शहरों में खामेनेई समर्थक रैलियां भी आयोजित हुई हैं, लेकिन हिंसा और आगजनी की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।