
अशोकनगर, 12 जनवरी 2026: स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह ने जिले के छात्रों से मुलाकात की और अपने बचपन, संघर्ष और आईएएस बनने की कहानी साझा की। उन्होंने छात्रों को बताया कि कैसे बचपन में पायलट बनने का सपना देखा और फिर मेहनत और लगन के साथ आईएएस बनने का लक्ष्य हासिल किया।
छात्र के सवाल पर कलेक्टर का जवाब
एक छात्रा ने उनसे पूछा कि आपने स्कूल निरीक्षण मुहिम शुरू की थी लेकिन अब उसे बंद क्यों कर दिया, क्या यह सोशल मीडिया पर दिखाने के लिए किया जाता है? कलेक्टर आदित्य सिंह ने कहा कि उनका मकसद सोशल मीडिया नहीं बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था में सुधार करना है। वर्तमान में ठंड और परीक्षा के चलते स्कूलों में रिलैक्स दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी सरकारी स्कूल समय पर खुल रहे हैं और शिक्षक भी समय पर उपस्थित हैं।
आईएएस इंटरव्यू सिर्फ 20 मिनट का था
कलेक्टर आदित्य सिंह ने बताया कि आम धारणा के विपरीत कि आईएएस इंटरव्यू 10 से 11 घंटे का होता है, उनका इंटरव्यू मात्र 20 मिनट का था। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य के प्रति ईमानदारी और मेहनत सफलता की कुंजी है।
बचपन का सपना और जीवन का संदेश
कलेक्टर ने बच्चों से साझा किया कि बचपन में वे पायलट बनना चाहते थे। लेकिन बड़े होने पर आईएएस अफसर को देखकर उन्होंने इसी दिशा में प्रयास शुरू किया और मेहनत के साथ आईएएस अफसर बने। उन्होंने कहा, “अगर आप आम का बीज बोएंगे तो अंगूर नहीं उगेगा। जीवन में जितनी मेहनत करेंगे, उतना ही फल मिलेगा। पढ़ाई और खेल में संतुलन जरूरी है, लेकिन पढ़ाई एकाग्रचित होकर करनी चाहिए। जीवन में कभी नर्वस न हों, सिर्फ अपना फोकस बनाए रखें।”
कलेक्टर आदित्य सिंह की यह बातचीत छात्रों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बनी, जिसमें मेहनत, लगन और लक्ष्य की स्पष्ट समझ की अहमियत को रेखांकित किया गया।