
मध्य प्रदेश के सतना जिले में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। हाल के 10 दिनों (1 जनवरी से 10 जनवरी) में शहर के जिला अस्पताल में 1104 लोगों को डॉग बाइट के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई है। इस बढ़ती संख्या ने लोगों में घरों से निकलने का डर पैदा कर दिया है।
जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. शरद दुबे के अनुसार, इस अवधि में प्रतिदिन औसतन 110 से अधिक लोग वैक्सीन के लिए अस्पताल पहुंचे। इसमें नए और पुराने मरीज दोनों शामिल हैं। अकेले इन 10 दिनों में 370 नए मरीजों को पहला डोज लगाया गया। इसका मतलब है कि औसतन हर दिन लगभग 37 लोग कुत्तों के काटने का शिकार बन रहे हैं। यदि जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों के आंकड़े मिलाए जाएं, तो यह संख्या प्रतिदिन 150 तक पहुंच जाती है।
स्वास्थ्य विभाग के पास इस बढ़ती मांग के बीच पर्याप्त वैक्सीन स्टॉक है। जिला अस्पताल में 23,500 डोज और सीएमएचओ स्टोर में 2,500 डोज उपलब्ध हैं, यानी कुल 26,000 डोज। यह वैक्सीन सरकारी अस्पतालों में पूरी तरह मुफ्त लगाई जाती है।
भीड़ और सुरक्षित प्रक्रिया के लिए जिला अस्पताल ने अलग इंजेक्शन कक्ष बनाया है। डॉग बाइट के बाद मरीज सीधे मेडिसिन विशेषज्ञ या ड्यूटी डॉक्टर से वैक्सीन लगवा सकते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी स्टॉक खत्म होने से पहले मांग भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. दुबे ने आम जनता से अपील की है कि कुत्ते के काटने पर घाव को तुरंत साबुन और साफ पानी से धोएं। किसी भी झाड़-फूंक या देसी इलाज में समय न गंवाएं। घटना के 24 घंटे के भीतर नजदीकी अस्पताल पहुंचकर वैक्सीन लगवाना जरूरी है, क्योंकि रेबीज जानलेवा हो सकता है।
सतना में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेताया है कि सावधानी और समय पर उपचार ही सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी तरीका है।