
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसंबर 2025 से चल रहे ऐतिहासिक व्यापार मेले की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। लेकिन इस बार वाहनों की बिक्री पर मिलने वाली 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है।
ग्वालियर व्यापार मेला करीब 100 वर्षों से आयोजित हो रहा है और हर साल इस मेले में बड़ी संख्या में वाहन खरीदे जाते हैं। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट मिलने की उम्मीद थी। इसी कारण लोग गाड़ियों की खरीद के लिए मेले में जुटते थे।
हालांकि इस बार मध्य प्रदेश में व्यापार मेलों को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। ग्वालियर के अलावा उज्जैन में भी व्यापार मेला आयोजित किया जा रहा है, जहां वाहनों की बिक्री पर 50 प्रतिशत छूट पहले से घोषित है। यही कारण है कि ग्वालियर मेले में छूट देने में देरी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ग्वालियर में छूट देर से दी गई, तो वाहन खरीदी का कारोबार उज्जैन में शिफ्ट हो सकता है।
ग्वालियर व्यापार मेला में केवल ग्वालियर संभाग के डीलर ही वाहन बेच सकते हैं, जबकि उज्जैन मेला पूरे प्रदेश के डीलरों के लिए खुला है। इस वजह से व्यापारियों और खरीदारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इस मामले पर ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने स्पष्ट किया कि ग्वालियर मेला में वाहन खरीद पर मिलने वाली आरटीओ छूट की प्रक्रिया अभी जारी है और जल्द ही इसे जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि ग्वालियर के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।
इस साल भी ग्वालियर व्यापार मेला पिछले वर्षों की तरह ही छूट के साथ सफल होने की उम्मीद है, लेकिन 17 दिन गुजर जाने के बाद भी गाड़ियों की खरीदी में झुकाव अभी देखी जा रही है।