
राधा रानी की पावन नगरी बरसाना इन दिनों भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक चेतना के अद्भुत संगम की साक्षी बन रही है। सुप्रसिद्ध भागवताचार्य इंद्रेश उपाध्याय के आराध्य ठाकुर श्री राधा–गिरधर लाल जी के पंचदिवसीय ‘ब्याहुला उत्सव’ (विवाह महोत्सव) का भव्य आयोजन पूरे वैभव के साथ किया जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन, 12 जनवरी को ठाकुर जी की लग्न–सगाई की रस्म पारंपरिक ब्रज रीति-रिवाजों के अनुसार अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई, जिसमें देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
लग्न–सगाई की समस्त रस्में ब्रज की प्राचीन परंपराओं और वैदिक विधानों के अनुरूप निभाई गईं। कार्यक्रम की शुरुआत ‘प्रशंसा और प्रस्ताव’ से हुई, जिसमें वर पक्ष की ओर से वधू पक्ष—श्री राधा रानी के परिवार—को विवाह प्रस्ताव भेजा गया। इसके बाद ‘नेग और दस्तूरी’ की रस्म में फल, मेवे, मिष्ठान और तिलक सामग्री अर्पित की गई। ब्रज की विशिष्ट ‘गाली परंपरा’ और हंसी-ठिठोली ने पूरे वातावरण को जीवंत, आनंदमय और भक्तिरस से सराबोर कर दिया।
बी प्राक के भजनों ने बांधा समां
उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहे बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक बी प्राक, जिन्होंने अपनी भावपूर्ण और सुरीली भजन प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। उनके भजनों पर पांडाल में मौजूद भक्त झूम उठे। इस अवसर पर निकुंज कामरा और आरुषि गंभीर जैसे ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने भी ठाकुर जी के चरणों में अपनी स्वर-पुष्पांजलि अर्पित की। भक्ति और संगीत के इस दिव्य संगम ने महोत्सव की भव्यता को और भी ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।
छप्पन भोग और विशाल भंडारे की व्यवस्था
11 जनवरी से आरंभ हुआ यह महोत्सव 15 जनवरी तक चलेगा। इंद्रेश उपाध्याय ने इसे अपनी व्यक्तिगत खुशी से ऊपर बताते हुए ‘भक्ति का महाकुंभ’ कहा है। आगामी दिनों में ठाकुर जी की भव्य बारात, हल्दी की रस्म और दिव्य विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए छप्पन भोग और विशाल भंडारे की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे हर भक्त प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित कर सके।
बरसाना में आयोजित यह ब्याहुला उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बन रहा है, बल्कि ब्रज संस्कृति, परंपरा और भक्ति की अनुपम छटा को भी पूरे देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत कर रहा है।