
गाजियाबाद: बढ़ते प्रदूषण और घनी आबादी को देखते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने शहर से बाहर नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने का बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के पास सैदपुर ढिलाना गांव में प्रस्तावित इस टाउनशिप के लिए जिला प्रशासन ने जमीन की दरें तय कर दी हैं।
जीडीए इस योजना के तहत सीधे किसानों से जमीन खरीदेगा और उसे विकसित कर उद्योगपतियों को छोटे-बड़े औद्योगिक भूखंडों के रूप में बेचेगा। प्रशासन ने इस क्षेत्र के लिए सर्कल रेट के चार गुना रेट तय किए हैं। अगले दो-तीन महीनों में जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, जिससे जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
शहर के लिए लाभ:
वर्तमान में शहर के भीतर चल रही फैक्ट्रियां जाम और प्रदूषण का कारण बन रही हैं।
टाउनशिप के बनने से शहर में प्रदूषण में कमी आएगी और ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
इंडस्ट्रियल एरिया बाहर शिफ्ट होने से शहर की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव घटेगा।
नए भूखंडों और औद्योगिक सेटअप से जिले में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
आगामी योजना:
जीडीए जल्द ही किसानों से सहमति लेगा। जमीन खरीद के बाद प्राधिकरण सड़कों, ड्रेनेज और बिजली ग्रिड का विकास शुरू करेगा। उम्मीद है कि 2026 के अंत तक भूखंडों का आवंटन शुरू हो जाएगा। उद्योगपतियों को जमीन खरीदने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सभी सुविधाएं दी जाएंगी।
जीडीए सचिव विवेक मिश्रा ने बताया कि यह कदम न केवल उद्योगों को शहर से बाहर ले जाएगा, बल्कि गाजियाबाद को प्रदूषण और ट्रैफिक की गंभीर समस्याओं से भी राहत दिलाएगा।