
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री और प्रयागराज जिले के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने ‘जी रामजी योजना’ को ग्रामीण विकास में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीणों को 125 दिनों का गारंटीशुदा रोजगार प्रदान करेगी। योजना में साप्ताहिक भुगतान और बुआई-कटाई के लिए कार्य विराम का भी प्रावधान है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2047 तक विकसित भारत का दृष्टिकोण गांवों के समग्र विकास से ही साकार होगा। उन्होंने कहा, “मोदी सरकार केवल मजदूर-किसान की बातें करने वाली सरकार नहीं है, बल्कि उनकी मेहनत, पसीने और आत्मसम्मान को नीतिगत केंद्र बनाने वाली सरकार है। यह अधिनियम मजदूर को केवल कामगार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माता मानता है।”
स्वतंत्र देव सिंह ने मनरेगा की कमियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा में फर्जी जॉब कार्ड, फर्जी भुगतान और अनियमितताओं की भरमार थी। केवल कच्चे कार्य करवाए जाने के कारण फर्जी भुगतान की संभावना बनी रहती थी। पिछले वर्षों में 10 लाख 91 हजार रूपए की 290 करोड़ रुपये की गड़बड़ियां सामने आई थीं।
उन्होंने बताया कि अब मजदूरी के लिए 15 दिन तक प्रतीक्षा की जरूरत नहीं होगी। मजदूर की मेहनत का मूल्य सीधे उनके बैंक खाते में समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ साप्ताहिक भुगतान के रूप में दिया जाएगा। साथ ही, बुआई-कटाई के महत्वपूर्ण 60 दिनों के लिए कार्य विराम का प्रावधान किया गया है, ताकि किसानों को समय पर मजदूर उपलब्ध हों और खेती की गति कभी न रुके।
बीजेपी सरकार ने इन कमियों को दूर करते हुए कैबिनेट से ‘जी रामजी योजना’ विधेयक पारित किया है, जिसके तहत ग्रामीणों को अब 125 दिनों का रोजगार गारंटीशुदा अधिकार मिलेगा, जबकि पहले यह सीमा केवल 100 दिन तक सीमित थी।